पुलिस आरक्षक की नौकरी लगाने के नाम पर 12 लाख की ठगी, दो आरोपी गिरफ्तार

 पुलिस आरक्षक की नौकरी लगाने के नाम पर 12 लाख की ठगी, दो आरोपी गिरफ्तार

वर्ष 2023 में भर्ती कराने का झांसा देकर लिए थे 12 लाख रुपये, नौकरी नहीं लगने पर रकम भी नहीं लौटाई; उतई पुलिस ने बैंक खाता और मोबाइल किया जब्त

दुर्ग। पुलिस आरक्षक के पद पर नौकरी लगाने का झांसा देकर 12 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में थाना उतई पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वर्ष 2023 में आरोपियों ने प्रार्थी के पुत्र को पुलिस आरक्षक के पद पर भर्ती कराने का भरोसा दिलाकर उससे कुल 12 लाख रुपये लिए थे। नौकरी नहीं लगने और रकम वापस नहीं किए जाने के बाद प्रार्थी ने थाना उतई में शिकायत दर्ज कराई थी।

मामले में थाना उतई पुलिस ने शिकायत की जांच, उपलब्ध साक्ष्यों और पतासाजी के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया है। आरोपियों के कब्जे से प्रकरण से संबंधित बैंक खाता एवं एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है।

शिकायत के बाद दर्ज हुआ मामला

जानकारी के अनुसार, 20 अगस्त 2026 को गैंदलाल बंछोर, निवासी शास्त्री चौक, ग्राम सेलूद, थाना उतई, जिला दुर्ग ने थाना उतई में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि आरोपी उमेश दास मानिकपुरी, निवासी ग्राम अतरिया, जिला बेमेतरा ने वर्ष 2023 में उनके पुत्र विकास बंछोर को पुलिस आरक्षक के पद पर भर्ती कराने का भरोसा दिलाया था।

आरोप है कि नौकरी लगवाने के नाम पर उमेश दास मानिकपुरी और उसके सहयोगी राजेश वर्मा ने कुल 12 लाख रुपये लिए। रकम लेने के बावजूद नौकरी नहीं लगाई गई। इसके बाद प्रार्थी द्वारा रकम वापस मांगने पर भी राशि वापस नहीं की गई।

साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपी गिरफ्तार

शिकायत प्राप्त होने के बाद थाना उतई पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान प्राप्त तथ्यों एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पतासाजी की गई। पुलिस टीम ने आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश देकर उमेश दास मानिकपुरी और राजेश वर्मा को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों से घटना के संबंध में जानकारी ली। विवेचना के दौरान प्रकरण से संबंधित बैंक खाता एवं एक मोबाइल फोन जब्त किया गया है। दोनों आरोपियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

नौकरी का झांसा देकर रकम लेना बना ठगी का तरीका

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने शासकीय पुलिस विभाग में आरक्षक पद पर भर्ती कराने का भरोसा दिलाकर प्रार्थी के पुत्र को नौकरी दिलाने का झांसा दिया। नौकरी लगने की उम्मीद में प्रार्थी पक्ष द्वारा आरोपियों को 12 लाख रुपये दिए गए। बाद में नौकरी नहीं लगी और रकम भी वापस नहीं की गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर दोनों आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की।

गिरफ्तार आरोपी

1. उमेश दास मानिकपुरी
निवासी ग्राम अतरिया, जिला बेमेतरा, छत्तीसगढ़।

2. राजेश वर्मा, उम्र 57 वर्ष
निवासी पत्रकार कॉलोनी, रिंग रोड नंबर-02, हरिभूमि प्रेस के पास, वार्ड नंबर-19, मिनी बस्ती, सिविल लाइन, बिलासपुर, छत्तीसगढ़।

जब्त सामग्री

  • प्रकरण से संबंधित बैंक खाता।
  • 01 मोबाइल फोन।

अपराध क्रमांक एवं धाराएं

अपराध क्रमांक 430/2026
धारा 318(4), 3(5) बीएनएस

इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका

उक्त कार्रवाई में थाना उतई के निरीक्षक मोहन भारद्वाज, उप निरीक्षक श्रीराम पेन्ड्रो, प्रधान आरक्षक मनीष थापा, अभिषेक पाण्डेय, आरक्षक ध्रुवनारायण चन्द्राकर, अजय देवांगन सहित थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

दुर्ग पुलिस की नागरिकों से अपील

दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि पुलिस भर्ती अथवा किसी भी शासकीय नौकरी में नियुक्ति दिलाने के नाम पर किसी व्यक्ति के झांसे में आकर रकम न दें। नौकरी से संबंधित किसी भी प्रस्ताव अथवा दावे का संबंधित विभाग से स्वयं सत्यापन करें। यदि कोई व्यक्ति नौकरी लगाने के नाम पर रकम मांगता है या नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी करता है, तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें।

नोट: नौकरी दिलाने के नाम पर किसी भी व्यक्ति को पैसे देने से पहले संबंधित भर्ती प्रक्रिया की आधिकारिक जानकारी और विभागीय सत्यापन अवश्य करें।