ग्राम पंचायत स्तर पर छत्तीसगढ़ के पहले निःशुल्क कोचिंग सेंटर ने पेश की मिसाल, प्रथम वर्षगांठ पर 100 पौधों का किया वृक्षारोपण

 ग्राम पंचायत स्तर पर छत्तीसगढ़ के पहले निःशुल्क कोचिंग सेंटर ने पेश की मिसाल, प्रथम वर्षगांठ पर 100 पौधों का किया वृक्षारोपण

शिक्षा के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश, विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने लिया पौधों की देखभाल का संकल्प

पाटन (दुर्ग)। शिक्षा के साथ सामाजिक जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संदेश देते हुए ग्राम पंचायत स्तर पर संचालित छत्तीसगढ़ के पहले निःशुल्क कोचिंग सेंटर “समर्पण निःशुल्क कोचिंग क्लास, आगेसरा” ने अपनी प्रथम स्थापना वर्षगांठ को यादगार बना दिया। संस्था ने वर्षगांठ के अवसर पर 100 विभिन्न प्रजातियों के औषधीय, छायादार और फलदार पौधों का वृक्षारोपण कर हरित भविष्य की दिशा में प्रेरणादायी पहल की।

जनपद पंचायत पाटन अंतर्गत ग्राम आगेसरा में आयोजित इस विशेष अभियान के तहत ग्राम पंचायत के सहयोग से माँ वृंदा देवी डिंडा कपाट धाम एवं मुक्तिधाम परिसर में पौधारोपण किया गया। अभियान की खास बात यह रही कि लगाए गए अधिकांश पौधों की ऊँचाई लगभग 4 से 5 फीट थी, जिससे उनके तेजी से विकसित होने और पर्यावरण को शीघ्र लाभ पहुंचाने की संभावना अधिक है।

कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उनके संरक्षण और संवर्धन का सामूहिक संकल्प लेना भी था। इस अवसर पर विद्यार्थियों, अभिभावकों, ग्रामीणों, वरिष्ठ नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए पौधों की नियमित देखभाल का संकल्प लिया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों को प्रकृति संरक्षण का महत्व समझाया गया तथा प्रत्येक व्यक्ति से अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है।

संस्था के संस्थापक एवं ग्राम सरपंच रमाकांत साहू ने कहा कि समर्पण निःशुल्क कोचिंग क्लास पिछले एक वर्ष से ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण, जनसेवा और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रथम वर्षगांठ पर आयोजित यह वृक्षारोपण अभियान संस्था की सामाजिक प्रतिबद्धता और हरित भविष्य के प्रति समर्पण का प्रतीक है।

कार्यक्रम के अंत में रमाकांत साहू ने सभी विद्यार्थियों, अभिभावकों, सहयोगियों एवं ग्रामवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आने वाले समय में भी शिक्षा, सेवा, पर्यावरण संरक्षण और समाजहित से जुड़े जनकल्याणकारी कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे।

इस अवसर पर सरजू राम साहू, नंदकुमार पटेल, जसवंत साहू, कमलेश्वर साहू, सियाराम साहू, विजय सोनी, छबलू साहू, संजू साहू, पूनम पटेल, खिलेश्वर साहू, संतोष साहू, भानु साहू, पोषण पटेल, ईश्वरी साहू, प्रेमलता साहू सहित अनेक वरिष्ठ नागरिक, जनप्रतिनिधि, ग्रामीणजन एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।