दुर्ग में महिला की निर्मम हत्या का खुलासा: दुष्कर्म के प्रयास में विरोध करने पर पत्थर से कुचलकर मार डाला, 2 आरोपी गिरफ्तार

 दुर्ग में महिला की निर्मम हत्या का खुलासा: दुष्कर्म के प्रयास में विरोध करने पर पत्थर से कुचलकर मार डाला, 2 आरोपी गिरफ्तार

दुर्ग। पुलगांव थाना क्षेत्र में एक महिला की हत्या के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने चंद घंटों के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी महिला को पैसों का लालच देकर सुनसान स्थान पर ले गए थे। वहां जब उन्होंने महिला के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाने का प्रयास किया और महिला ने विरोध करते हुए पुलिस में शिकायत करने की चेतावनी दी, तो आरोपियों ने उसकी हत्या कर दी।पुलिस ने इस अंधे कत्ल की गुत्थी को वैज्ञानिक, तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर सुलझाया है। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त बोल्डर पत्थर, घटना के समय पहने गए कपड़े तथा अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी बरामद किए गए हैं।

मजदूरी पर गई महिला वापस नहीं लौटी

पुलिस के अनुसार, 16 जुलाई 2026 को भगवंतीन साहू प्रतिदिन की तरह मजदूरी के लिए घर से निकली थीं। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई। इसी बीच सिटी कोतवाली पुलिस से सूचना मिली कि पुलगांव नाला फ्लाईओवर के पास झाड़ियों में एक अज्ञात महिला का शव मिला है।जिला अस्पताल की मर्च्यूरी में रखे शव की पहचान परिजनों ने भगवंतीन साहू के रूप में की। शव पर सिर, चेहरे और बाएं हाथ में गंभीर चोटों के निशान पाए गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद थाना पुलगांव में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।

अंधे कत्ल की जांच के लिए गठित हुई विशेष टीम

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलगांव पुलिस ने तत्काल विशेष जांच टीम का गठन किया। घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर भौतिक एवं वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए गए। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए तथा स्थानीय नागरिकों, मजदूरों और ई-रिक्शा चालकों से पूछताछ की गई।तकनीकी विश्लेषण और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस का संदेह हर्ष यादव और नितेश ठाकुर पर गया। दोनों को हिरासत में लेकर अलग-अलग पूछताछ की गई। प्रारंभ में वे पुलिस को गुमराह करते रहे, लेकिन साक्ष्यों के सामने उनके बयान विरोधाभासी पाए गए। कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों ने हत्या की बात स्वीकार कर ली।

पैसों का लालच देकर सुनसान स्थान पर ले गए

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि घटना वाले दिन दोनों लगातार शराब का सेवन कर रहे थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात तहसील कार्यालय दुर्ग के पास महिला से हुई। आरोपियों ने महिला को पैसे देने का लालच दिया और ई-रिक्शा से पुलगांव नाला स्थित पुराने पुल के पास सुनसान क्षेत्र में ले गए।वहां पहुंचने के बाद दोनों ने महिला के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाने का प्रयास किया। महिला ने इसका विरोध करते हुए पुलिस में शिकायत करने की चेतावनी दी। गिरफ्तारी के डर और कार्रवाई की आशंका से घबराकर आरोपियों ने महिला की हत्या की साजिश रच दी।

गमछे से गला दबाया, फिर पत्थर से कुचल दिया

जांच में सामने आया कि आरोपी हर्ष यादव ने पहले गमछे से महिला का गला दबाया, जबकि नितेश ठाकुर ने पास में पड़े बड़े बोल्डर पत्थर से उसके सिर और चेहरे पर कई वार किए। इसके बाद हर्ष यादव ने भी पत्थर से हमला किया। गंभीर चोटों के कारण महिला की मौके पर ही मौत हो गई।हत्या के बाद दोनों आरोपी घटनास्थल से पैदल भाग निकले और बाद में लिफ्ट लेकर चंदखुरी पहुंचे। साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उन्होंने घटना के समय पहने कपड़े बदल दिए। एक आरोपी ने अपने कपड़े धोकर छिपा दिए, जबकि दूसरे के कपड़े घर में रखवा दिए थे।

पुलिस ने बरामद किए अहम साक्ष्य

आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त बोल्डर पत्थर, घटना के समय पहने गए कपड़े और अन्य भौतिक साक्ष्य बरामद किए हैं। उपलब्ध प्रत्यक्ष, परिस्थितिजन्य, वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।

गिरफ्तार आरोपी

1. हर्ष यादव (19 वर्ष)
निवासी – ग्राम पीसेगांव, थाना पुलगांव, जिला दुर्ग

2. नितेश ठाकुर (20 वर्ष)
निवासी – चंदखुरी, थाना पुलगांव, जिला दुर्ग

पुलिस की सराहनीय कार्रवाई

दुर्ग पुलिस ने इस अंधे कत्ल के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए घटनास्थल निरीक्षण, सीसीटीवी फुटेज विश्लेषण, वैज्ञानिक जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कुछ ही घंटों में आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों ने इसे टीमवर्क और आधुनिक जांच तकनीकों का परिणाम बताया है।

नागरिकों से पुलिस की अपील

दुर्ग पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या आपराधिक घटना की जानकारी तत्काल निकटतम पुलिस थाना अथवा डायल-112 पर दें। अपराध संबंधी जानकारी छिपाना या साक्ष्य नष्ट करने का प्रयास भी कानूनन दंडनीय है। पुलिस ने नागरिकों से कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की है।