चलती ट्रेन में गूंजी नवजात की किलकारी, आरपीएफ और मेडिकल टीम की तत्परता से सुरक्षित हुआ प्रसव
राजनांदगांव। सिकंदराबाद–रायपुर एक्सप्रेस में यात्रा के दौरान एक गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। स्थिति गंभीर होते देख रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), जीआरपी और रेलवे चिकित्सकीय टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए महिला की मदद की। समय पर मिली सहायता के कारण महिला ने ट्रेन में ही एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया और बाद में मां-बेटे दोनों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया।
अचानक बिगड़ी स्थिति, कंट्रोल रूम को दी गई सूचना
मंगलवार को गाड़ी संख्या 12771 सिकंदराबाद–रायपुर एक्सप्रेस के जनरल कोच में सफर कर रही कबीरधाम जिले के पिपरिया निवासी 22 वर्षीय भारती अपने पति जितेंद्र के साथ यात्रा कर रही थीं। इसी दौरान उन्हें तेज प्रसव पीड़ा होने लगी। मामले की जानकारी रेलवे सुरक्षा नियंत्रण कक्ष तक पहुंची, जिसके बाद डोंगरगढ़ आरपीएफ पोस्ट को तत्काल अलर्ट किया गया।
स्टेशन पहुंचते ही सक्रिय हुई संयुक्त टीम
सूचना मिलते ही आरपीएफ पोस्ट प्रभारी निरीक्षक तरुणा साहू के नेतृत्व में सहायक उप निरीक्षक एस.के. वर्मा, रेलवे चिकित्सक डॉ. तेजा, जीआरपी प्रभारी जया कुर्रे और अन्य कर्मचारी डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन पहुंच गए। ट्रेन के प्लेटफॉर्म क्रमांक-3 पर पहुंचते ही टीम ने महिला को आवश्यक सहायता उपलब्ध करानी शुरू कर दी।
महिला आरक्षक प्रतीक्षा भदोरिया और सफाई कर्मचारी चंदा बोरकर ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी मदद से प्रसव प्रक्रिया के दौरान आवश्यक सहयोग प्रदान किया गया।
ट्रेन में ही हुआ सुरक्षित प्रसव
रेलवे अधिकारियों और चिकित्सकीय टीम की मौजूदगी में महिला ने ट्रेन के भीतर ही एक स्वस्थ नवजात पुत्र को जन्म दिया। प्रसव के बाद मां और शिशु की प्राथमिक जांच की गई तथा दोनों की स्थिति सामान्य पाई गई।
अस्पताल में कराया गया भर्ती
प्राथमिक उपचार के बाद एंबुलेंस की सहायता से मां और नवजात को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अछोली भेजा गया। अस्पताल में भर्ती कर दोनों की निगरानी की गई, जहां चिकित्सकों ने उनकी हालत सुरक्षित बताई।
मानवीय संवेदनशीलता का उदाहरण बनी रेलवे टीम
इस पूरे घटनाक्रम में आरपीएफ, जीआरपी और रेलवे स्वास्थ्य विभाग के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला। समय पर मिली सहायता और त्वरित निर्णय के कारण प्रसूता और नवजात को सुरक्षित चिकित्सकीय देखभाल उपलब्ध हो सकी।
यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि रेलवे सुरक्षा बल केवल सुरक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि आपात परिस्थितियों में मानवीय संवेदनशीलता और सेवा भावना के साथ यात्रियों की मदद के लिए भी तत्पर रहता है।


