जामुल की फैक्ट्री में मजदूर की मौत पर बढ़ा विवाद, KKC ने श्रम विभाग से की कड़ी कार्रवाई की मांग
दुर्ग। जामुल औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक निजी औद्योगिक इकाई में ठेका मजदूर की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। अखिल भारतीय असंगठित कामगार एंड कर्मचारी कांग्रेस (KKC) ने घटना को गंभीर लापरवाही का परिणाम बताते हुए श्रम विभाग से विस्तृत जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष सतनाम सिंह के नेतृत्व में संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को श्रम विभाग पहुंचकर उप संचालक पायल शर्मा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर आवश्यक मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे श्रमिकों की जान जोखिम में पड़ रही है।
ऊंचाई पर काम के दौरान हुई थी दुर्घटना
संगठन के अनुसार 6 जुलाई 2026 को एसीसी चौक, जामुल स्थित सिस्टम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में ठेका श्रमिक शिव कुमार सोनी कार्यरत थे। बताया गया कि वे प्लांट परिसर में करीब 50 फीट ऊंचाई पर काम कर रहे थे। इसी दौरान हादसा हुआ, जिसमें उनकी मृत्यु हो गई।
ज्ञापन में दावा किया गया है कि श्रमिक को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए थे। संगठन ने आरोप लगाया कि कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई, जिसके कारण यह दुखद घटना हुई।
मृतक परिवार के सामने आर्थिक संकट
KKC पदाधिकारियों ने कहा कि हादसे के बाद मृतक के परिवार के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। संगठन ने श्रम विभाग से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार पक्षों की जवाबदेही तय की जाए और मृतक के परिजनों को नियमानुसार उचित मुआवजा उपलब्ध कराया जाए।
भविष्य में हादसे रोकने के लिए सख्त निगरानी जरूरी
प्रदेश सचिव एवं चरोदा नगर निगम पार्षद राम सूर्यवंशी ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी श्रमिक से ऊंचाई पर कार्य कराया जा रहा है तो सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना कंपनी और ठेकेदार की कानूनी जिम्मेदारी है।
राम सूर्यवंशी ने कहा, “एक परिवार ने अपना कमाने वाला सदस्य खो दिया है। यह केवल एक दुर्घटना नहीं बल्कि सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला है। श्रमिकों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। यदि जांच में लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही मृतक परिवार को पर्याप्त मुआवजा और हर संभव सहायता मिलनी चाहिए।”
इन पदाधिकारियों की रही मौजूदगी
ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रदेश सचिव राम सूर्यवंशी, स्टेट कॉर्डिनेटर लखपति सोना, ललित साहू, प्रेमप्रकाश मिश्रा, ऋषभ तिवारी सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने श्रम विभाग से मामले की शीघ्र जांच कर कार्रवाई करने तथा औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों के पालन की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने की मांग की।

