चाय सेंटर की आड़ में चल रहा था अवैध शराब का कारोबार, आबकारी की रेड में MP की 50 पाव शराब जब्त, आरोपी गिरफ्तार

धमतरी में आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, मध्यप्रदेश निर्मित देशी शराब के साथ युवक गिरफ्तार, न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया

डोमन साहू | संवाददाता | धमतरी |

धमतरी। जिले में अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चाय सेंटर की आड़ में संचालित अवैध शराब बिक्री का भंडाफोड़ किया है। आबकारी विभाग की टीम ने बुधवार को चरमुड़ीया मार्ग स्थित एक चाय सेंटर पर छापा मारकर मध्यप्रदेश निर्मित 50 पाव अवैध देशी शराब जब्त की। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।जिला कलेक्टर अविनाश मिश्रा के निर्देश एवं जिला आबकारी अधिकारी रोहित देवांगन के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई आबकारी उप निरीक्षक निशांत साधु के नेतृत्व में की गई।

गोपनीय सूचना पर हुई कार्रवाई

आबकारी विभाग को सूचना मिली थी कि ग्राम भोथली, थाना कुरूद निवासी वरुण कंवर (23 वर्ष) पिता सुखचैन कंवर अपने चरमुड़ीया मार्ग स्थित चाय सेंटर में अवैध रूप से शराब बेच रहा है। सूचना की पुष्टि होने पर आबकारी टीम ने मौके पर दबिश दी।

तलाशी के दौरान चाय सेंटर से 20 पाव मध्यप्रदेश निर्मित देशी मदिरा मसाला और 30 पाव मध्यप्रदेश निर्मित देशी मदिरा प्लेन बरामद की गई। इस तरह कुल 50 पाव अवैध शराब जब्त की गई।

इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मामला

आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2), 36 (अन्य प्रांत) एवं 59-क के तहत अपराध दर्ज किया गया। आवश्यक कार्रवाई के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

कार्रवाई में शामिल रही यह टीम

इस कार्रवाई में आबकारी उप निरीक्षक निशांत साधु के साथ आबकारी उप निरीक्षक आशीष ध्रुव, अजय राज कश्यप, मुख्य आरक्षक मुरली सोनी, आबकारी आरक्षक श्रुति साहू, उमा लक्ष्मी, नीरज चंद्राकर, राजेश यादव तथा वाहन चालक मिलेश की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

प्रशासन की अपील

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और परिवहन के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी अवैध शराब की बिक्री या परिवहन की जानकारी मिले तो तत्काल आबकारी विभाग अथवा नजदीकी पुलिस थाने को सूचना दें, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।