पत्नी का गला घोंटकर हत्या की कोशिश, घरेलू विवाद ने लिया खौफनाक रूप; आरोपी पति गिरफ्तार
मारपीट के बाद गमछे से गला दबाकर पत्नी की हत्या का प्रयास, बेहोश होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया; पुरानी भिलाई पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा जेल
दुर्ग/भिलाई। घरेलू विवाद के चलते पत्नी की गला घोंटकर हत्या करने का प्रयास करने वाले आरोपी पति को पुरानी भिलाई पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। आरोपी ने पारिवारिक विवाद के दौरान पहले अपनी पत्नी के साथ मारपीट की और फिर गमछे से उसका गला दबाकर जान लेने की कोशिश की। गंभीर हालत में पीड़िता को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां होश में आने के बाद उसने पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी।
पुलिस के अनुसार, घटना 5 जुलाई 2026 की है। आरोपी मिथलेश यादव (22 वर्ष) निवासी आमा कुआ चौक, पुरैना, थाना पुरानी भिलाई का अपनी पत्नी के साथ लंबे समय से घरेलू विवाद चल रहा था। विवाद के चलते पीड़िता कुछ समय के लिए अपने मायके चली गई थी। बाद में आरोपी उसे वापस अपने घर ले आया।
बताया गया कि घर लौटने के बाद दोनों के बीच फिर से विवाद शुरू हो गया। इसी दौरान आरोपी ने गाली-गलौज करते हुए पत्नी को जान से मारने की धमकी दी और गमछे से उसका गला घोंटने लगा। गला दबाने से पीड़िता बेहोश होकर गिर गई। घटना के बाद परिजनों ने तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान होश आने पर उसने पूरी आपबीती बताई।
पीड़िता की शिकायत पर थाना पुरानी भिलाई में अपराध क्रमांक 351/2026 के तहत धारा 109 बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने विवेचना शुरू कर आरोपी की तलाश की और 8 जुलाई 2026 को उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त गमछा भी जब्त किया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
घरेलू हिंसा के मामलों में सख्त कार्रवाई
दुर्ग पुलिस ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं के विरुद्ध हिंसा, उत्पीड़न और घरेलू अपराधों के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि घरेलू हिंसा, महिलाओं के साथ मारपीट या किसी भी प्रकार के अपराध की जानकारी तत्काल नजदीकी पुलिस थाना अथवा डायल 112 पर दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर पीड़ितों को सुरक्षा प्रदान की जा सके।

