विजन 360 लेक्चर सीरीज: डॉ. एच. पी. सिन्हा बोले— “व्यावहारिक शिक्षा के साथ आध्यात्मिक शिक्षा ही देती है जीवन को ऊँची उड़ान”
विचक्षण जैन विद्यापीठ, कुम्हारी में विद्यार्थियों को दिए सफलता, संस्कार, स्वास्थ्य और कृतज्ञता के मंत्र
कुम्हारी। विचक्षण जैन विद्यापीठ, कुम्हारी में शनिवार को आयोजित ‘विजन 360 लेक्चर सीरीज’ के अंतर्गत देश के प्रख्यात न्यूरोलॉजिस्ट एवं आध्यात्मिक चिंतक डॉ. एच. पी. सिन्हा ने विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों को जीवन में शिक्षा, संस्कार और आध्यात्मिकता के संतुलन का महत्वपूर्ण संदेश दिया। “बैलेंसिंग फॉर्मल एजुकेशन एंड स्पिरिचुअल एजुकेशन” विषय पर आयोजित इस विशेष व्याख्यान में बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
अपने प्रेरणादायी संबोधन में डॉ. सिन्हा ने कहा कि व्यावहारिक शिक्षा व्यक्ति को सफलता तक पहुँचाती है, जबकि आध्यात्मिक शिक्षा उसे जीवन की वास्तविक ऊँचाइयों तक ले जाती है। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षा के साथ संस्कार नहीं जुड़े हों, तो विकास अधूरा रह जाता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार किसी वृक्ष की मजबूती उसकी जड़ों पर निर्भर करती है, उसी प्रकार व्यक्ति के व्यक्तित्व की जड़ उसके संस्कार होते हैं। मजबूत संस्कार ही जीवन को स्थायी सफलता और सम्मान दिलाते हैं।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि केवल अच्छे अंक प्राप्त करना ही सफलता का पैमाना नहीं है। प्रत्येक विद्यार्थी के भीतर कोई न कोई विशेष प्रतिभा होती है, जिसे पहचानकर निरंतर विकसित करना आवश्यक है। शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल परीक्षा में सफलता प्राप्त करना नहीं, बल्कि स्वयं का श्रेष्ठतम व्यक्तित्व विकसित करना होना चाहिए।
स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए डॉ. सिन्हा ने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ, सकारात्मक और एकाग्र मन का निवास होता है। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित व्यायाम, संतुलित दिनचर्या और अनुशासित जीवनशैली अपनाने का आग्रह करते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर ही बेहतर सोच और उत्कृष्ट प्रदर्शन की आधारशिला है।
अपने व्याख्यान में उन्होंने कृतज्ञता को जीवन का सबसे बड़ा गुण बताते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने माता-पिता, गुरुजनों, परिवार, समाज तथा जीवन में सहयोग करने वाले हर व्यक्ति के प्रति सदैव आभार व्यक्त करना चाहिए। कृतज्ञता व्यक्ति के व्यक्तित्व को विनम्र, सकारात्मक और समृद्ध बनाती है।
इस अवसर पर विद्यालय ट्रस्ट मंडल के सुरेश कांकरिया, प्रकाश मालू, सम्पत झाबक, राजेश सावनसुखा, राजेश गिड़िया, सीए विजय मालू, सुनील गोलछा एवं राजेंद्र जैन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य ए. पी. सिंह, ऋषभ कोटड़िया एवं सौरभ पारख की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। वहीं अतिथि के रूप में श्रीमती मनीषा सिन्हा एवं अशोक पगारिया ने भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर अतिथियों ने कहा कि विचक्षण जैन विद्यापीठ केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण, संस्कारों और जीवन मूल्यों के विकास के लिए भी निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि विजन 360 लेक्चर सीरीज जैसी पहल विद्यार्थियों को केवल ज्ञान ही नहीं, बल्कि जीवन जीने की सही दिशा और सकारात्मक दृष्टिकोण भी प्रदान करती है।
अंत में विद्यालय परिवार ने डॉ. एच. पी. सिन्हा का आभार व्यक्त करते हुए संकल्प दोहराया कि संस्था भविष्य में भी शिक्षा के साथ संस्कारों का समन्वय कर समाज को जिम्मेदार, जागरूक और मूल्यनिष्ठ नागरिक प्रदान करने के अपने उद्देश्य को निरंतर आगे बढ़ाती रहेगी।

