भिलाई में दिव्यांगजन जागरूकता शिविर का सफल आयोजन, पुनर्वास सेवाओं, शिक्षा और सरकारी योजनाओं की दी गई विस्तृत जानकारी

 भिलाई में दिव्यांगजन जागरूकता शिविर का सफल आयोजन, पुनर्वास सेवाओं, शिक्षा और सरकारी योजनाओं की दी गई विस्तृत जानकारी

CRC राजनांदगांव और सर्व समाज कल्याण समिति के संयुक्त प्रयास से आयोजित शिविर में दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण, प्रारंभिक हस्तक्षेप और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों पर हुआ मार्गदर्शन

भिलाई। दिव्यांगजनों के पुनर्वास, कौशल विकास और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दिव्यांगजन कौशल विकास, पुनर्वास एवं सशक्तिकरण हेतु समग्र क्षेत्रीय केन्द्र (CRC) राजनांदगांव द्वारा कोहका, भिलाई में एक विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (DEPwD) के अधीन संचालित CRC राजनांदगांव ने यह कार्यक्रम सर्व समाज कल्याण समिति, भिलाई के सहयोग से आयोजित किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सर्व समाज कल्याण समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों द्वारा CRC राजनांदगांव के अधिकारियों और कर्मचारियों के स्वागत के साथ हुआ। आयोजन में स्थानीय नागरिकों, अभिभावकों और समाज के विभिन्न वर्गों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली।

जागरूकता सत्र के दौरान CRC राजनांदगांव के विशेषज्ञों ने केन्द्र में उपलब्ध विभिन्न पुनर्वास सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी। इसमें फिजियोथेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी, विज़न थेरेपी, स्पीच एवं हियरिंग सेवाएं, विशेष शिक्षा, क्लिनिकल साइकोलॉजी तथा प्रारंभिक हस्तक्षेप (अर्ली इंटरवेंशन) जैसी बहुविषयक सेवाएं शामिल हैं। विशेषज्ञों ने बताया कि बच्चों में विकास संबंधी विलंब या दिव्यांगता की समय रहते पहचान और उपचार शुरू होने से उनके शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास में सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।

शिविर में उपस्थित अभिभावकों को प्रारंभिक हस्तक्षेप के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने कहा कि समय पर परामर्श और उपचार बच्चों के बेहतर भविष्य की नींव तैयार करता है तथा उनकी जीवन गुणवत्ता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इस अवसर पर CRC राजनांदगांव द्वारा संचालित रोजगारपरक एवं पेशेवर पाठ्यक्रमों की भी जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को डिप्लोमा इन इंडियन साइन लैंग्वेज इंटरप्रिटेशन (DISLI) तथा डिप्लोमा इन एजुकेशन (स्पेशल एजुकेशन – इंटेलेक्चुअल एंड डेवलपमेंटल डिसएबिलिटीज) [D.Ed. (IDD)] पाठ्यक्रमों की पात्रता, अध्ययन स्वरूप तथा वर्तमान समय में उपलब्ध रोजगार और कैरियर संभावनाओं के बारे में विस्तार से बताया गया।

कार्यक्रम में भारत सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के हित में संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की भी जानकारी साझा की गई। विशेष रूप से सहायक उपकरणों एवं कृत्रिम अंगों के वितरण संबंधी योजनाओं पर प्रकाश डाला गया। अधिकारियों ने प्रतिभागियों को सलाह दी कि वे अपने दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, यूडीआईडी (UDID) कार्ड, आधार कार्ड, आय प्रमाण-पत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेजों को अद्यतन रखें, ताकि भविष्य में किसी भी शासकीय योजना का लाभ प्राप्त करने में कोई कठिनाई न हो।

शिविर के दौरान आयोजित संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र प्रतिभागियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। नागरिकों और अभिभावकों द्वारा पूछे गए विभिन्न प्रश्नों का विशेषज्ञों ने विस्तारपूर्वक उत्तर दिया तथा उनकी शंकाओं का समाधान किया। इस पहल की प्रतिभागियों ने सराहना करते हुए इसे अत्यंत उपयोगी बताया।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर CRC राजनांदगांव की कार्यप्रणाली, उपलब्ध सेवाओं, संपर्क विवरण तथा केन्द्र तक पहुंचने के साधनों की जानकारी भी साझा की गई, ताकि जरूरतमंद व्यक्ति आसानी से केन्द्र की सेवाओं का लाभ उठा सकें।

आयोजकों के अनुसार यह जागरूकता शिविर समुदाय में दिव्यांगता के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने, पुनर्वास सेवाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने, प्रारंभिक हस्तक्षेप के महत्व को रेखांकित करने तथा दिव्यांगजनों को शिक्षा, कौशल विकास और सरकारी योजनाओं से जोड़ने की दिशा में एक प्रभावी पहल साबित हुआ।

कार्यक्रम में CRC राजनांदगांव से सहायक प्राध्यापक (क्लिनिकल साइकोलॉजी) श्री प्रशांत मेश्राम, श्री धर्मेन्द्र साहू, श्री भानुप्रताप साहू, श्री आकाश राय एवं श्री दिलीप वर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समग्र समन्वय प्रशासनिक अधिकारी श्री नितिन देवांगन द्वारा किया गया, जिनके मार्गदर्शन और समन्वय से शिविर का सफल आयोजन संभव हो सका।