PM आवास योजना निर्माण स्थल से बिजली सामग्री चोरी का खुलासा, दो आरोपी चंद घंटों में गिरफ्तार
दुर्ग। प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के निर्माणाधीन आवास परिसर से विद्युत सामग्री चोरी करने वाले दो आरोपियों को सिटी कोतवाली पुलिस ने घटना के खुलासे के कुछ ही घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई इलेक्ट्रिक वायर, एमसीबी, प्लेट और होल्डर बरामद कर लिए हैं।
पुलिस के अनुसार, गिरधारी नगर निवासी विक्रम गहलोत (27 वर्ष), जो प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत सरस्वती नगर में निर्माणाधीन आवास परियोजना में अभियंता के रूप में कार्यरत हैं, ने थाना सिटी कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि 8 जून 2026 को परियोजना के ब्लॉक क्रमांक 4 एवं 5 में लगाए गए इलेक्ट्रिक वायर, एमसीबी, प्लेट एवं होल्डर अज्ञात व्यक्तियों द्वारा चोरी कर लिए गए थे।
शिकायत के आधार पर थाना सिटी कोतवाली में अपराध क्रमांक 356/2026 के तहत धारा 331(2) एवं 305 बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस को सूचना एवं तकनीकी पतासाजी के माध्यम से महत्वपूर्ण सुराग मिले। इसके आधार पर राज ढीमर उर्फ नानू और दुजराज ढीमर को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने चोरी की वारदात को स्वीकार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी की गई विद्युत सामग्री बरामद कर जब्त कर ली। आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने निर्माणाधीन भवन में लगी विद्युत सामग्री को चोरी कर अवैध आर्थिक लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से वारदात को अंजाम दिया था।
गिरफ्तार आरोपी
- राज ढीमर उर्फ नानू (20 वर्ष), निवासी सरस्वती नगर, वार्ड क्रमांक 34, दुर्ग।
- दुजराज ढीमर (46 वर्ष), निवासी सरस्वती नगर, वार्ड क्रमांक 34, दुर्ग।
बरामद सामग्री
- इलेक्ट्रिक वायर
- एमसीबी
- प्लेट
- होल्डर
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस कार्रवाई में थाना सिटी कोतवाली पुलिस एवं एसीसीयू टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों की पहचान कर चोरी गया मशरूका बरामद करने में सफलता हासिल की।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि, चोरी या अन्य आपराधिक घटनाओं की जानकारी तत्काल निकटतम पुलिस थाना अथवा डायल-112 पर दें। पुलिस का कहना है कि आमजन के सहयोग से अपराधों की रोकथाम और त्वरित निराकरण अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।

