BSP स्क्रैप चोरी कांड में बड़ा खुलासा: मास्टरमाइंड के लॉकर से 50 लाख के जेवर, 3 करोड़ की संपत्ति के दस्तावेज बरामद, 3 आरोपी जेल भेजे गए
भिलाई। भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) से करोड़ों रुपये के स्क्रैप की संगठित चोरी और अवैध कारोबार मामले में दुर्ग पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले के मुख्य आरोपी सहित तीन आरोपियों से पुलिस रिमांड के दौरान हुई गहन पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच में सामने आया है कि चोरी के स्क्रैप की बिक्री से अर्जित रकम को आरोपियों ने करोड़ों रुपये की अचल संपत्तियों और महंगे आभूषणों में निवेश किया था।
पुलिस ने मुख्य आरोपी संजय सिंह के लॉकर से लगभग 50 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण तथा करीब 3 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज जब्त किए हैं। वहीं अन्य आरोपियों से भी संपत्ति संबंधी महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए हैं। पुलिस अब इन संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
फ्लू डस्ट की आड़ में चल रहा था करोड़ों का खेल
पुलिस के अनुसार, 26 मई 2026 को मुखबिर से सूचना मिलने पर ग्राम अकलोरडीह खदानपारा स्थित ए.के. ट्रेडर्स में छापेमारी की गई थी। जांच के दौरान हाईवा और ट्रकों में फ्लू डस्ट के साथ बीएसपी से चोरी किए गए लोहे की प्लेट, बीम और कटिंग सामग्री लोड पाई गई।
मौके से करीब 250 टन लोहे का स्क्रैप बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 90 लाख रुपये बताई गई। इसके अलावा स्क्रैप परिवहन और लोडिंग में इस्तेमाल होने वाले वाहन एवं मशीनरी भी जब्त की गई। कुल जब्ती की कीमत लगभग 3 करोड़ 22 लाख रुपये आंकी गई है।
उत्तरप्रदेश से दबोचा गया मुख्य आरोपी
मामले में पहले ही 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था, जबकि मुख्य आरोपी संजय सिंह फरार था। पुलिस की विशेष टीम ने उत्तरप्रदेश के देवरिया क्षेत्र में घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार किया। अदालत से 7 दिन की पुलिस रिमांड मिलने के बाद पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आईं।
संजय सिंह की निशानदेही पर अमित शर्मा उर्फ कैलाश शर्मा और आकाश कुमार सिंह को भी गिरफ्तार किया गया। तीनों आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वे संगठित तरीके से बीएसपी से चोरी किए गए स्क्रैप का अवैध कारोबार कर रहे थे।
घटनास्थल का कराया गया पुनर्निर्माण
पुलिस ने आरोपियों को लेकर खुर्सीपार गेट से एसएमएस-3 तक घटनास्थल का पुनर्निर्माण कराया और महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए। जांच के दौरान चोरी के स्क्रैप के परिवहन में इस्तेमाल किए गए वाहनों की फर्जी नंबर प्लेटें भी बरामद की गई हैं।
अब तक 12 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस रिमांड समाप्त होने के बाद सोमवार को तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। इस बहुचर्चित मामले में अब तक कुल 12 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना अभी जारी है और आगे भी कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।
जब्त सामग्री
- 250 टन लोहे की प्लेट, बीम और स्क्रैप सामग्री
- परिवहन एवं लोडिंग में प्रयुक्त वाहन व मशीनरी
- 50 लाख रुपये मूल्य के आभूषण
- 3 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों के दस्तावेज
- अन्य संपत्ति संबंधी कागजात
- फर्जी नंबर प्लेट
पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों और औद्योगिक संस्थानों से अपील की है कि औद्योगिक सामग्री, स्क्रैप अथवा अन्य संपत्तियों के अवैध क्रय-विक्रय और परिवहन की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। ऐसे अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

