सट्टे का ‘सिंडिकेट’ बेनकाब: भिलाई-3 का प्रतिष्ठित व्यापारी बना अवैध खेल का सरगना, पुलिस को खुली चुनौती!
भिलाई। भिलाई-3 के नूतन चौक क्षेत्र में चल रहे संगठित सट्टा नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ है। इस अवैध कारोबार का मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि स्थानीय स्तर पर खुद को प्रतिष्ठित बताने वाला व्यापारी राजेश कुमार सचदेव निकला, जो बेखौफ होकर कानून को ठेंगा दिखाते हुए सट्टा संचालन कर रहा था। स्थिति इतनी गंभीर थी कि यह नेटवर्क अब खुलेआम पुलिस विभाग को चुनौती देने की स्थिति में पहुंच चुका था।
24 मार्च 2026 को पुलिस की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर नूतन चौक शिव मंदिर के पास दबिश देकर 05 आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। मौके से ₹2,08,600 की जप्ती की गई।
‘सट्टा किंग’ बन बैठा था सचदेव
जांच में सामने आया है कि राजेश सचदेव इस पूरे नेटवर्क का मुख्य संचालक था, जो अंकों के खेल के जरिए रोजाना हजारों-लाखों का अवैध सट्टा चला रहा था।
स्थानीय स्तर पर उसकी पकड़ इतनी मजबूत हो चुकी थी कि वह बिना किसी भय के खुलेआम यह कारोबार चला रहा था। सूत्रों के अनुसार, वह इस नेटवर्क को और बड़े स्तर पर फैलाने की तैयारी में था।
पुलिस की कार्रवाई, लेकिन सवाल बरकरार
- राजेश कुमार सचदेव (54 वर्ष)
- रवि बिसाई (39 वर्ष)
- मानसिंग यादव (45 वर्ष)
- मोहन साहू (36 वर्ष)
- धर्मेश सोनी (39 वर्ष)
जप्ती में क्या-क्या मिला?
- ₹1,67,600 नगद
- 06 मोबाइल फोन
- सट्टा पट्टी पर्ची व रजिस्टर
- कैलकुलेटर और डॉट पेन
- कुल जप्ती: ₹2,08,600
जमानत के बाद फिर सक्रिय?
आरोपियों के खिलाफ जुआ प्रतिषेध अधिनियम और BNS के तहत कार्रवाई की गई, लेकिन सभी आरोपियों को जमानत मिल गई।
सूत्रों के मुताबिक, जमानत मिलते ही कुछ आरोपी फिर से अपने पुराने ठिकानों पर सक्रिय होते नजर आए। यह सीधे-सीधे पुलिस के लिए खुली चुनौती मानी जा रही है।
बड़ा सवाल: क्या संपत्ति की जांच होगी?
अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या प्रशासन इन आरोपियों की संपत्ति की जांच कर जब्ती की कार्रवाई करेगा, या फिर ये नेटवर्क नए रूप में फिर से खड़ा हो जाएगा?
पुलिस का सख्त संदेश
दुर्ग पुलिस ने साफ चेतावनी दी है कि जिले में जुआ और सट्टा जैसे अवैध कारोबार को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
संदेश साफ है: चाहे कोई कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, अब सट्टा माफियाओं के लिए भिलाई-3 में जगह नहीं बचेगी।



