छत्तीसगढ़ में नकली दवाओं पर कड़ा प्रहार, तीन फार्मा कंपनियों की दवाएं जांच में फेल, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर
रायपुर/ छत्तीसगढ़ में मरीजों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ राज्य औषधि प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। नकली और गुणवत्ता मानकों पर खरी न उतरने वाली दवाओं के खिलाफ की गई कार्रवाई में तीन फार्मा कंपनियों की दवाएं जांच में अवमानक (अमानक) पाई गई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी कर दिया गया है।
प्रयोगशाला जांच में खुलासा
राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला द्वारा विभिन्न दवाओं के नमूनों की जांच की गई, जिसमें कुछ दवाएं निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरीं। जांच रिपोर्ट में इन्हें नकली एवं अवमानक श्रेणी में रखा गया है, जो मरीजों के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकती थीं।
इन कंपनियों की दवाएं पाई गईं अमानक
जांच में जिन फार्मा कंपनियों की दवाएं फेल पाई गई हैं, उनमें—
- मेसर्स जी बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड, नहान रोड, सोलन (हिमाचल प्रदेश)
- मेसर्स जी.सी. हेल्थ केयर, सोलन (हिमाचल प्रदेश)
- मेसर्स लार आक्स फार्मास्युटिकल्स, गोपालकृष्णन, चेन्नई
शामिल हैं। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि इन कंपनियों की कुछ दवाएं न तो गुणवत्ता मानकों पर खरी उतरीं और न ही मरीजों के उपयोग के लिए सुरक्षित थीं।
छत्तीसगढ़ के कई जिलों में हो रही थी सप्लाई
सूत्रों के मुताबिक, इन संदिग्ध दवाओं की आपूर्ति छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों में की जा रही थी। इसी को देखते हुए औषधि प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से पूरे प्रदेश में सतर्कता अलर्ट जारी किया है, ताकि ऐसी दवाओं की बिक्री और उपयोग रोका जा सके।
ट्रांसपोर्ट नेटवर्क भी जांच के घेरे में
जांच के दौरान यह बात भी सामने आई है कि नागपुर गोल्डन ट्रांसपोर्ट, गोगांव के माध्यम से नकली दवाओं की आपूर्ति का नेटवर्क सक्रिय था। इस एंगल से भी पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है।
विशेष निरीक्षण दल का गठन, छापेमारी तेज
औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत प्राप्त सूचनाओं को गंभीरता से लेते हुए औषधि नियंत्रण विभाग ने विशेष निरीक्षण दल गठित किया। दल द्वारा विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर संदिग्ध दवाओं के सैंपल जब्त किए गए, जिन्हें प्रयोगशाला भेजा गया था। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद संबंधित फर्मों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
दवा कारोबारियों और जनता के लिए सख्त निर्देश
औषधि प्रशासन ने सभी दवा विक्रेताओं, थोक व्यापारियों और चिकित्सा संस्थानों को निर्देश दिए हैं कि वे केवल अधिकृत और प्रमाणित स्रोतों से ही दवाओं की खरीद करें।
वहीं आम नागरिकों से अपील की गई है कि यदि किसी दवा को लेकर संदेह हो या कोई असामान्यता नजर आए, तो तुरंत नजदीकी औषधि निरीक्षक या स्वास्थ्य विभाग को इसकी सूचना दें।
नकली दवाओं के खिलाफ यह कार्रवाई न केवल चेतावनी है, बल्कि यह भी स्पष्ट संकेत है कि मरीजों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।



