क्रांतिकारी सुखदेव राज की 118वीं जयंती दुर्ग में श्रद्धा और संकल्प के साथ मनाई गई, जर्जर आवास के जीर्णोद्धार का लिया गया संकल्प, जितेंद्र वर्मा ने कहा— “नई पीढ़ी को क्रांतिवीरों से जोड़ना हमारी जिम्मेदारी”
दुर्ग/ देश की आज़ादी के लिए क्रांति का मार्ग अपनाने वाले जांबाज़ क्रांतिकारी सुखदेव राज की 118वीं जयंती आज 7 दिसंबर को इंदिरा मार्केट दुर्ग स्थित उनके पुराने जर्जर आवास के सामने श्रद्धा, सम्मान और संकल्प के साथ मनाई गई। यह आयोजन भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ, सुखदेव राज स्मृति स्मारक समिति और दुर्ग सिख सभा के संयुक्त तत्वावधान में सम्पन्न हुआ।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में सामाजिक, राजनीतिक एवं शैक्षणिक जगत के लोग मौजूद रहे और क्रांतिकारी सुखदेव राज को नमन किया।
आज़ादी की लड़ाई में सुखदेव राज का ऐतिहासिक योगदान
सुखदेव राज, अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद और भगत सिंह जैसे अग्रणी क्रांतिकारियों के निकट सहयोगी रहे।
- उनका जन्म 7 दिसंबर 1907 को लाहौर में हुआ था।
- कॉलेज जीवन में ही वे क्रांतिकारी आंदोलन से जुड़ गए।
- 27 फरवरी 1931 को प्रयाग के अल्फ्रेड पार्क में चंद्रशेखर आजाद के अंतिम समय में उनके साथ सुखदेव राज मौजूद थे।
- वर्ष 1963 से 1973 तक वे दुर्ग के इंदिरा मार्केट स्थित शिशु कल्याण केंद्र के भवन में रहकर कुष्ठ रोगियों की सेवा करते रहे।
- 5 जुलाई 1973 को इसी भवन में उन्होंने अंतिम सांस ली।
जितेंद्र वर्मा का विशेष संदेश – युवाओं को क्रांतिवीरों से जोड़ने की जरूरत
कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश सचिव जितेंद्र वर्मा ने विशेष रूप से अपने विचार रखते हुए कहा—
“सुखदेव राज जैसे क्रांतिकारी केवल इतिहास नहीं हैं, वे आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा हैं। हमें उनके त्याग और संघर्ष को स्कूलों, समाज और युवाओं तक पहुँचाना होगा। उनका जर्जर आवास केवल ईंट-पत्थर नहीं, बल्कि हमारी आज़ादी की धरोहर है, जिसका संरक्षण हम सबकी जिम्मेदारी है।”
जितेंद्र वर्मा ने स्मारक के जीर्णोद्धार और इसे शैक्षणिक एवं ऐतिहासिक केंद्र के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
जर्जर आवास के जीर्णोद्धार का लिया गया सामूहिक संकल्प
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने दुर्गवासियों को क्रांतिकारी सुखदेव राज के योगदान से अवगत कराया और सर्वसम्मति से उनके जर्जर आवास के जीर्णोद्धार का संकल्प लिया गया, ताकि आने वाली पीढ़ियां इस ऐतिहासिक स्थल से प्रेरणा ले सकें।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे
- पूर्व विधायक अरुण वोरा
- पूर्व महापौर आर.एन. वर्मा
- पूर्व महापौर व शहर कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल
- भाजपा प्रदेश सचिव जितेंद्र वर्मा
- दुर्ग सिख सभा अध्यक्ष महेंद्र पाल सिंह
- समाजसेवी गुलबीर सिंह भाटिया
- वरिष्ठ साहित्यकार रवि श्रीवास्तव
- शिक्षाविद एच.एस. वर्मा
- अधिवक्ता दिनेश वर्मा
- बाल संरक्षण आयोग के पूर्व सचिव सोनल कुमार गुप्ता
- भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बी.के. वर्मा
- संभागीय उपाध्यक्ष बी.एल. गजपाल, महामंत्री राजेश तिवारी
- जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र देशमुख
- पी.डी. वैष्णव, डी.पी. दिल्लीवार, बी.के. शर्मा, आर.के. भटनागर, शीतल साहू, एम.एल. वर्मा, रामाधार ताम्रकार, के.के. आडिल, अरुण गुप्ता सहित बड़ी संख्या में सदस्यगण उपस्थित रहे।



