ऑपरेशन सुरक्षा – त्वरित राहत और नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई, दुर्घटना में घायल दो लोगों को यातायात पुलिस ने पहुंचाया अस्पताल

दुर्ग/ ऑपरेशन सुरक्षा अभियान के तहत दुर्ग यातायात पुलिस ने संवेदनशीलता और तत्परता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। दिनांक 16 नवंबर 2025 की शाम करीब 7:30 बजे बसंत टॉकीज के पास सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल दो व्यक्तियों के सड़क किनारे पड़े होने की सूचना मिली।

सूचना मिलते ही मौके पर तैनात पॉइंट-ड्यूटी जवान तुरंत घटनास्थल पर पहुँचे, स्थिति का आकलन किया और बिना समय गंवाए विभागीय वाहन से दोनों घायलों को लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल पहुँचाया, जहाँ उनका उपचार जारी है।

यातायात पुलिस की यह त्वरित प्रतिक्रिया ऑपरेशन सुरक्षा की प्राथमिकताओं – त्वरित सहायता, तत्परता और नागरिक सुरक्षा – को दर्शाती है।

जिलेभर में सख्त प्रवर्तन कार्रवाई

575 प्रकरणों में कुल ₹82,550 की वसूली

ऑपरेशन सुरक्षा के तहत पूरे जिले में विशेष अभियान चलाया गया, जिसमें प्रमुख नियम उल्लंघनों पर कड़ी कार्रवाई की गई:

नियम उल्लंघन प्रकरण
बिना हेलमेट 85
बिना सीट बेल्ट 25
रैश ड्राइविंग 15
नो पार्किंग 22
अन्य प्रकरण सम्मिलित

ड्रिंक एंड ड्राइव पर ज़ीरो टॉलरेंस

विशेष चेकिंग के दौरान—

➡ 22 चालकों को नशे की हालत में वाहन चलाते पकड़ा गया
➡ सभी वाहन जप्त किए गए और चालकों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया

यह कार्रवाई सड़कों पर सुरक्षा बढ़ाने और गंभीर दुर्घटनाओं को रोकने की पुलिस की ज़ीरो टॉलरेंस नीति को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।

ऑपरेशन सुरक्षा का उद्देश्य

इस अभियान का मुख्य लक्ष्य—

  • दुर्घटना की स्थिति में त्वरित राहत उपलब्ध कराना
  • महत्वपूर्ण स्थलों पर सतत गश्त और निगरानी
  • नियम उल्लंघन पर कड़ी प्रवर्तन कार्यवाही

दुर्ग यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसे प्रभावी अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे।

जन अपील

  • किसी भी दुर्घटना या संदिग्ध गतिविधि की सूचना 112 या यातायात नियंत्रण कक्ष को दें
  • हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य उपयोग करें
  • नशे की हालत में वाहन न चलाएँ
  • निर्धारित पार्किंग का पालन करें

सुरक्षित यातायात व्यवस्था नागरिकों के सहयोग से ही संभव है।