राजनांदगांव में आबकारी विभाग की बड़ी रेड, फ्लैट से प्रीमियम विदेशी शराब की भारी खेप बरामद

शहर के बीचों-बीच किराए के फ्लैट में जबरदस्त छापेमारी

राजनांदगांव/ शहर में अवैध शराब कारोबार पर शिकंजा कसते हुए आबकारी विभाग ने शुक्रवार देर शाम बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम ने शहर के एक किराए के फ्लैट में दबिश देकर महंगी और प्रीमियम श्रेणी की शराब का विशाल जखीरा बरामद किया।

रेड लेबल, ब्लैक लेबल से लेकर बुलडॉग तक—सैकड़ों बोतलें जब्त

मिली जानकारी के अनुसार, कार्रवाई के दौरान विदेशी और प्रीमियम ब्रांड की शराब की सैकड़ों बोतलें बरामद हुईं जिनमें रेड लेबल, ब्लैक लेबल, बुलडॉग और बडवाइज़र जैसे नाम शामिल हैं। शराब की संख्या इतनी अधिक थी कि अधिकारियों को गिनती और श्रेणीकरण में लंबे समय तक मेहनत करनी पड़ी।

गोपनीय सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई

आबकारी विभाग को लंबे समय से अवैध शराब तस्करी की सूचना मिल रही थी। जांच के बाद कार्रवाई को अंजाम दिया गया। टीम को फ्लैट से विभिन्न राज्यों से लाई गई अवैध अंग्रेजी शराब का बड़ा जखीरा मिला।

इतिहास में पहली बार—इतनी बड़ी अवैध खेप पकड़ी गई

विभाग के अनुसार, यह पहली बार है जब जिले में महंगे ब्रांड की अवैध शराब इतनी बड़ी मात्रा में पकड़ी गई है, जो प्रायः हाई-प्रोफाइल पार्टियों में परोसी जाती है।

महाराष्ट्र से तस्करी की जा रही थी शराब

सूत्रों के अनुसार, बरामद शराब का बड़ा हिस्सा महाराष्ट्र से तस्करी करके लाया गया था और शहर में महंगे दामों पर बेचने की तैयारी की जा रही थी। इस कार्रवाई के बाद अवैध शराब कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।

अधिकारियों की टीम ने किया ऑपरेशन सफल

यह छापेमारी कलेक्टर जितेंद्र यादव के निर्देशन एवं जिला आबकारी अधिकारी अभिषेक तिवारी के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई में कुसुमलता झोले, एडीवो अनिल कुमार सिंह, सब-इंस्पेक्टर दीपक गुप्ता, मुख्य आरक्षक ओमप्रकाश सिंह और आरक्षक आर्यन ठाकुर शामिल थे।

फ्लैट मालिक की पहचान

जांच में सामने आया कि फ्लैट जितेंद्र साहू के नाम पर है, जो आलीखुंटा तुमड़ीबोड़ का निवासी बताया जाता है। फ्लैट से मिली शराब अवैध बिक्री और तस्करी के लिए लंबे समय से जमा की जा रही थी।

आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू

विभाग ने सभी बोतलों को जब्त कर लिया है और संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आबकारी विभाग का कहना है कि शहर में अवैध शराब की आपूर्ति और बिक्री को रोकने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।