छत्तीसगढ़ में उजागर हुई संवेदनहीनता : मंदिर की चौखट पर मिली नवजात, पुलिस ने संभाली जिम्मेदारी

दुर्ग/ जिले के रानीतराई क्षेत्र में इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। ग्राम खर्रा में हनुमान मंदिर के प्रवेश द्वार पर एक नवजात बच्ची को बेसहारा हालत में छोड़ दिया गया। मासूम के रोने की आवाज सुनकर स्थानीय युवाओं ने उसे देखा और तत्काल इसकी सूचना पुलिस व ग्रामीणों को दी।

सुबह टहलने निकले युवाओं को सुनाई दी मासूम की सिसकियां

घटना सुबह की है, जब कुछ युवा दैनिक सैर पर निकले थे। मंदिर के पास से गुजरते वक्त उन्हें रोने की आवाज सुनाई दी। पास जाकर देखा तो कपड़ों में लिपटी एक नवजात बच्ची ठंड के कारण कांप रही थी। युवाओं ने तुरंत उसे गर्म कपड़ों से ढका और ग्रामवासियों को इसकी जानकारी दी।

प्रयासों के बाद भी नहीं मिला परिजनों का सुराग

ग्रामीणों ने आसपास पूछताछ की, मगर बच्ची से संबंधित कोई भी जानकारी नहीं मिल सकी। किसी भी परिवार ने बच्ची का दावा नहीं किया, जिससे आशंका जताई जा रही है कि उसे रात के अंधेरे में ही मंदिर के पास छोड़ दिया गया होगा।

पुलिस ने संभाली जिम्मेदारी, जिला अस्पताल में कराया भर्ती

सूचना मिलते ही रानीतराई पुलिस मौके पर पहुंची। नवजात को सुरक्षित अपने संरक्षण में लेकर पुलिस टीम ने उसे तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने बच्ची का स्वास्थ्य परीक्षण किया और फिलहाल उसकी पूरी देखभाल की जा रही है।

मां-बाप की तलाश में पुलिस ने शुरू की खोज

पुलिस ने आसपास के गांवों में खोजबीन शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज, स्थानीय जानकारी और ग्रामीणों के बयान के आधार पर बच्ची के मां-बाप का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
फिलहाल बच्ची सुरक्षित है और पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।