ऑनलाइन ठगी का शिकार बनी भिलाई की महिला — फोन पे से उड़ाए ₹5.91 लाख
दुर्ग/ साइबर ठगों ने भिलाई की एक बुजुर्ग महिला के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी करते हुए करीब ₹5.91 लाख की ठगी कर ली। महिला ने स्ट्रीट लाइट बंद होने की शिकायत दर्ज कराने के लिए इंटरनेट पर नंबर सर्च किया था, लेकिन उसी दौरान ठगों ने खुद को सर्विस एजेंट बताकर उससे रकम उड़ाने की साजिश रच डाली।
मामला थाना नेवई, जिला दुर्ग (छत्तीसगढ़) का है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आवेदिका मोनोसीजा चटर्जी (उम्र 61 वर्ष), निवासी प्लॉट नं. 85, फेस 6, मैत्री नगर, रिसाली, भिलाई, ने थाना नेवई में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
इस तरह हुआ धोखाधड़ी का पूरा खेल
आवेदिका ने बताया कि दिनांक 22 अक्टूबर 2025 को उन्होंने मोबाइल पर “स्ट्रीट लाइट बंद होने” संबंधी शिकायत दर्ज कराने के लिए इंटरनेट पर संपर्क नंबर सर्च किया। उन्हें एक मोबाइल नंबर मिला, जिस पर उन्होंने कॉल किया। कॉल रिसीव करने वाले व्यक्ति ने उन्हें ₹5 जमा करने के लिए कहा ताकि शिकायत रजिस्टर की जा सके।
मोनोसीजा चटर्जी ने फोन पे (PhonePe) के माध्यम से पेमेंट करने की कोशिश की, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। इसके बाद कॉलर ने उन्हें एक UPI कोड (94252) डालने के लिए कहा। जैसे ही उन्होंने ऐसा किया, उनके बैंक खाते से तुरंत पैसे कट गए।
जब उन्होंने आपत्ति जताई, तो ठग ने कहा कि “रिफंड मिल जाएगा”। इसी बहाने वह लगातार ट्रांजेक्शन करवाता गया और कई बार अलग-अलग रकम कटवाता गया।
कुल 10 से अधिक ट्रांजेक्शन में उड़े लाखों रुपये
आवेदिका और उनकी पत्नी के खातों से 22 अक्टूबर से 24 अक्टूबर 2025 के बीच कई ट्रांजेक्शन के जरिए रकम काटी गई।
कुल लेनदेन इस प्रकार हैं:
- मोनोसीजा चटर्जी (केनरा बैंक, रिसाली) के खाते से:
22/10/25 – ₹94,252
23/10/25 – ₹25,000
23/10/25 – ₹50,000
23/10/25 – ₹49,998
23/10/25 – ₹49,998
23/10/25 – ₹50,000
23/10/25 – ₹49,998
23/10/25 – ₹49,998
23/10/25 – ₹25,000
24/10/25 – ₹47,000
कुल ₹4,91,244 - अनंदिता चटर्जी (केनरा बैंक, रिसाली) के खाते से:
22/10/25 – ₹94,252
24/10/25 – ₹5,000
24/10/25 – ₹1,000
कुल ₹1,00,252
इस तरह दोनों खातों से कुल मिलाकर ₹5,91,496/- की ठगी की गई।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
आवेदन के अवलोकन पर थाना नेवई पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए धारा 318(4) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी गई है।
थाना प्रभारी ने बताया कि साइबर अपराधियों की पहचान के लिए तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और बैंक खातों के माध्यम से ट्रांजेक्शन की जानकारी ली जा रही है।
पुलिस की अपील — सतर्क रहें, अंजान लिंक या कोड न डालें
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान वेबसाइट या फोन नंबर से प्राप्त पेमेंट लिंक, UPI कोड या कॉल पर भरोसा न करें।
यदि किसी के साथ इस प्रकार की ठगी होती है, तो तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
Alert Chhattisgarh Digital Desk



