साइबर सेल की बड़ी सफलता: मैट्रिमोनियल फ्रॉड गैंग का पर्दाफाश, 11 ठग गिरफ्तार
रायपुर/ राजधानी रायपुर में साइबर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत देशभर में ठगी करने वाले संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो सोशल मीडिया पर महिलाओं की फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों से धोखाधड़ी करते थे।
फर्जी महिला प्रोफाइल से रचते थे ठगी का जाल
जांच में सामने आया है कि यह गिरोह इंस्टाग्राम, फेसबुक और यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 262 फर्जी आईडी चलाता था। इन अकाउंट्स के कुल 50 लाख से अधिक फॉलोवर्स थे। आरोपी असली महिलाओं की तस्वीरें लेकर प्रोफाइल बनाते और फर्जी मोबाइल नंबर शेयर करते थे।
जो लोग मैट्रिमोनियल या दोस्ती के लिए संपर्क करते, उनसे बायोडाटा, फोटो या पता दिखाने के नाम पर पैसे ऐंठे जाते थे।
79 म्यूल बैंक खातों से हुआ खुलासा
रायपुर रेंज के आईजी अमरेश मिश्रा के निर्देशन में साइबर ठगी के मामलों की निगरानी की जा रही थी। इसी दौरान साइबर क्राइम पोर्टल पर रिपोर्टेड 79 म्यूल बैंक अकाउंट्स की जांच के दौरान संदिग्ध लेनदेन का पता चला।
इन खातों के जरिए ठगी की रकम विभिन्न खातों में ट्रांसफर की जा रही थी। इसी आधार पर थाना डीडी नगर रायपुर में अपराध दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू की गई।
जमशेदपुर और बिलासपुर में एक साथ छापेमारी
पहले से गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और मोबाइल डाटा विश्लेषण के बाद पुलिस टीम ने झारखंड के जमशेदपुर और छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक साथ दबिश दी।
इस संयुक्त कार्रवाई में जमशेदपुर से तीन और बिलासपुर से आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से 36 मोबाइल फोन, कई सिम कार्ड और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं।
दो साल से सक्रिय था नेटवर्क
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह पिछले दो वर्षों से सक्रिय था और देश के विभिन्न राज्यों के हजारों लोगों को ठग चुका है। आरोपी फर्जी कॉल सेंटर संचालित करते थे, जहां से ठगी की कॉल और संदेश भेजे जाते थे।
ऑपरेशन साइबर शील्ड बना ठगों का काल
रायपुर पुलिस के इस अभियान से साइबर अपराधियों में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस अब इनसे बरामद डाटा का विश्लेषण कर रही है, ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सहयोगियों की भी पहचान की जा सके।



