कुम्हारी: मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान 2025-26 अंतर्गत सामाजिक अंकेषण अभियान सम्पन्न

कुम्हारी/ राज्य स्तरीय मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान (2025-26) के अंतर्गत आज प्रधानमंत्री श्री सेजस विद्यालय, कुम्हारी में सामाजिक अंकेषण निरीक्षण का आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में अंकेषण प्रश्नावली, सहायक सामग्री, संकेतन (ग्रेडिंग) एवं लर्निंग आउटकम आधारित अनुलग्नक की समीक्षा-निरीक्षण किया गया।

प्रमुख उपस्थितियाँ

निरीक्षण दल में शामिल थे:

  • प्रधानाचार्य उत्तम साहू (पीएम श्री अहिवारा)
  • शाला प्रबंधन एवं विकास समिति (एसएमडीसी) अध्यक्ष आलोक दुबे
  • पालक एवं शिक्षाविद बी.एल. यदु
  • संकुल समन्वयक अजय सिंह
  • वार्ड क्रमांक 1 पार्षद व जल प्रभारी, नगर पालिका परिषद कुम्हारी, अश्विनी देशलहरे
  • जनप्रतिनिधि सुनीता कुर्रे
  • पलक एवं जीवन-विद्या प्रबोधक बसंत साहू
  • मिडिल स्तर की अंकेषण टीम लीडर श्रीमती अपर्णा मून (प्रधानपाठक, सेजस अहिवारा)
  • एसएमडीसी सदस्य सुजीत यादव
  • शिक्षा समिति अध्यक्ष, नगर पालिका कुम्हारी उमेश्वरी साहू
  • प्राइमरी स्तर की अंकेषण टीम लीडर शशांक श्रीवास्तव (सेजस अहिवारा शिक्षक)
  • एसएमडीसी सदस्य तनय जैन

अंकेषण का आकार व सहभागिता

  • हिंदी माध्यम: 399 विद्यार्थी
  • अंग्रेजी माध्यम: 297 विद्यार्थी
  • मिडिल स्तर (सभी विषयों में) उपस्थित: 306 विद्यार्थी
  • प्राइमरी स्तर: बच्चों ने उत्साहपूर्वक प्रश्नावली में भाग लिया और सटीक उत्तर प्रस्तुत किए

विद्यालय के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने शैक्षणिक गतिविधियों (गृहकार्य, प्रयोगशाला/ग्रुप गतिविधि, प्रस्तुति आदि) की नमूना प्रस्तुतियाँ दीं, जिससे विद्यालय में संचालित पठन-पाठन, शिक्षक-शिक्षार्थी संवाद, और शैक्षिक अनुशासन की तस्वीर स्पष्ट रूप से सामने आई।

निरीक्षण दल की राय एवं सुझाव

निरीक्षण दल ने निम्नलिखित विषयों पर विशेष ध्यान दिया और सकारात्मक सुझाव प्रस्तुत किए:

  • पठन-पाठन व्यवस्था: नियमित कक्षाएँ एवं गतिविधि-आधारित शिक्षण दृष्टिकोण सराहनीय।
  • गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने हेतु बच्चों की भागीदारी, उत्साह व समझ को उच्च माना गया।
  • लर्निंग आउटकम आधारित मूल्यांकन: विद्यालय द्वारा की जा रही गतिविधियाँ लक्ष्य-अनुकूल रहीं; सुझाव दी कि अवधि-वार मूल्यांकन, त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट व विवरणिका का समुचित नियोजन जारी रखा जाए।
  • पारदर्शिता एवं अभिभावक सहभागिता: अभिभावकों की भागीदारी अच्छी रही; आगे संवाद, बैठक एवं फीडबैक की नियमितता बनाए रखने पर बल दिया गया।
  • दस्तावेजीकरण एवं विद्यालय रखरखाव: रोज़मर्रा की क्रीड़ा/स्वच्छता/रख-रखाव गतिविधियों का सुसंगत दस्तावेजीकरण अनवरत जारी रखने की सलाह दी गई।

विद्यालय की प्रतिक्रिया

प्राचार्या श्रीमति लता रघुकुमार और समस्त शिक्षकगणों ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि वे मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के लक्ष्य — सर्वोत्तम शिक्षा, सभी बच्चों की भागीदारी, पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना — को सफल बनाने हेतु निरन्तर प्रयासरत हैं और शासन की दिशा-निर्देशों का पूर्ण सहयोग कर रही हैं।

विश्लेषण: इस तरह की अंकेषण गतिविधि न केवल विद्यालय की वास्तविक स्थिति व बच्चों की उपलब्धियों की जानकारी देती है, बल्कि आगे सुधार की दिशा भी स्पष्ट करती है। लगातार निरीक्षण, अभिभावक संवाद और गुणवत्तापूर्वक शिक्षण से बच्चों का समग्र विकास सुनिश्चित होता है।