बिलासपुर में धर्मांतरण की कोशिश नाकाम, पुलिस की सख्त कार्रवाई – 7 गिरफ्तार

प्रार्थना सभा की आड़ में चल रहा था कन्वर्जन

बिलासपुर/ छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के सीपत क्षेत्र में रविवार को प्रार्थना सभा की आड़ में बड़े पैमाने पर धर्मांतरण की कोशिश का मामला सामने आया। सूचना पर पहुंची पुलिस और हिंदूवादी संगठनों के सदस्यों पर पथराव तक हो गया। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने बल प्रयोग कर भीड़ को नियंत्रित किया और सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

200 से ज्यादा लोग थे मौजूद

नवाडीह चौक निवासी बरन वर्मा ने पुलिस को जानकारी दी कि तिवारी प्लाट में धर्मांतरण कराया जा रहा है। मौके पर पहुंचने पर करीब 150 से 200 महिला-पुरुष और बच्चे मौजूद मिले। बड़ी संख्या में बाइबिल किताबें बंटी हुई थीं और वहां आने वालों के लिए भोजन की भी व्यवस्था थी।

पथराव से मचा हड़कंप

सूचना पर पहुंचे हिंदूवादी संगठन के लोग जब आयोजकों को बाहर बुलाने लगे तो वहां मौजूद भीड़ भड़क गई। देखते ही देखते माहौल बिगड़ गया और पुलिस के पहुंचते ही पत्थरबाजी शुरू हो गई।

पुलिस जवान भी हुए घायल

पथराव में कई पुलिस जवान चोटिल हो गए। इसके बाद अतिरिक्त बल बुलाया गया और किसी तरह स्थिति पर काबू पाया गया। पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों को बाहर निकाला और छानबीन शुरू की।

सात आरोपियों पर मामला दर्ज

घटना के बाद पुलिस ने विजय सहिस, राजू साहू, गीताराम साहू, देवेंद्र यादव, गौतम साहू, राहुल राज और कमलेश सोनवानी को हिरासत में लिया। इनके खिलाफ बीएनएस की धारा 299, 192, 296, 115(2), 132, 121 व छत्तीसगढ़ धर्म परिवर्तन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

स्थानीय लोगों की नाराजगी

घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि धर्मांतरण जैसी गतिविधियाँ सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने वाली हैं और प्रशासन को इस पर कड़ी नजर रखनी चाहिए। कई लोगों ने आरोप लगाया कि प्रार्थना सभा के नाम पर लंबे समय से इस तरह की गतिविधियाँ चलाई जा रही थीं।

सियासत भी गरमाई

धर्मांतरण प्रकरण को लेकर राजनीति भी गरमा गई है। हिंदूवादी संगठनों ने इसे प्रदेश की संस्कृति और सामाजिक ताने-बाने पर सीधा हमला बताया है। वहीं विपक्षी दलों ने सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की है। ruling पार्टी के नेताओं का कहना है कि प्रदेश में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।