किडनी ट्रांसप्लांट के नाम पर 1.20 लाख की ठगी, महिला आरोपिया गिरफ्तार

धमधा पुलिस की 24 घंटे में बड़ी कार्रवाई

दुर्ग/ किडनी ट्रांसप्लांट के नाम पर ठगी करने वाली महिला को पुलिस ने अपराध दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर ही गिरफ्तार कर लिया। आरोपिया खुद को एम्स अस्पताल की नर्स बताकर एक परिवार से 1 लाख 20 हजार रुपए हड़प चुकी थी।

बच्चे की बीमारी का उठाया फायदा

प्रार्थिया असनी बाई निर्मलकर, निवासी ग्राम तुमाकला, ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनका 13 वर्षीय पुत्र किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहा है। इस दौरान परिचित दामिनी मानिकपुरी (निवासी स्टेशन मरोदा, थाना नेवई) उनसे मिली और खुद को एम्स अस्पताल की नर्स बताते हुए बच्चे का किडनी ट्रांसप्लांट कराने का झांसा दिया।आरोपिया ने इलाज के नाम पर पहले 10 हजार नगद, उसके बाद 75 हजार नगद और फिर फोनपे के माध्यम से 15-15 हजार रुपए लिए। इस तरह कुल 1.20 लाख रुपए हड़प लिए।

इलाज नहीं, दिए फर्जी चेक

लंबे समय तक इलाज न होने और बच्चे की हालत बिगड़ने पर जब पीड़िता ने पैसे लौटाने की मांग की तो आरोपिया ने 1,20,000 रुपए का चेक दिया, जो दो बार बैंक में बाउंस हो गया। इसके बाद पीड़िता ने धमधा थाना पहुंचकर पूरी घटना की जानकारी दी।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई

धमधा पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपिया दामिनी मानिकपुरी को 05 सितंबर 2025 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर अदालत में पेश कर दिया।

बरामदगी

  • ₹30,000 नगद
  • भारतीय स्टेट बैंक का पासबुक

यह मामला इंसानियत को शर्मसार करने वाला है, जहां एक महिला ने एक मासूम बच्चे की बीमारी का सहारा लेकर ठगी को अंजाम दिया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से पीड़ित परिवार को अब न्याय की उम्मीद जगी है।