कोरबा में कुदरत का कहर: 20 गांव टापू में तब्दील, हाथियों ने बढ़ाई दहशत
बारिश का तांडव
- करतला क्षेत्र में रातभर मूसलधार बारिश
- छिंदई नाला उफान पर, 20 गांवों का संपर्क कटा
- कोरबा-खरसिया मुख्य मार्ग बंद
जीवन अस्त-व्यस्त
- स्कूल, आंगनबाड़ी, अस्पताल प्रभावित
- साप्ताहिक बाजारों पर भी पड़ा असर
किसानों पर दोहरी मार
- खेतों में पानी भरने से फसलें बर्बाद
- थरहा रोपाई दोबारा करनी पड़ेगी
- बिजली आपूर्ति ठप
सड़कों की हालत खस्ता
- कई सड़कें गड्ढों में तब्दील
- रेत वाहनों ने हालात और बिगाड़े
हाथियों से बढ़ा खतरा
- 23 हाथियों का झुंड रिहायशी इलाकों की ओर
- एक महिला की जान जा चुकी
- वन विभाग ने जारी की चेतावनी
कोरबा/ जिले के करतला क्षेत्र में गुरुवार रात मूसलधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया। देर रात 12 बजे से सुबह 3 बजे तक हुई भारी वर्षा से नदी-नाले उफान पर आ गए। खासतौर पर छिंदई नाला के उफान में आने से कोरबा-खरसिया मुख्य मार्ग बाधित हो गया है। बांधापाली और घिनारा के बीच स्थित निचली पुलिया पानी में डूब जाने से लगभग 20 गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है।
करतला बना बारिश का केंद्र, स्कूल-हॉस्पिटल प्रभावित
जिले में अब तक की सबसे ज्यादा बारिश गुरुवार को करतला विकासखंड में रिकॉर्ड की गई। लगातार हो रही बारिश अब खंडवृष्टि का रूप ले चुकी है। नदी-नालों के उफान के चलते बच्चों को स्कूल तक नहीं पहुंचाया जा सका। अस्पताल, आंगनबाड़ी और शासकीय कार्यालयों में भी उपस्थिति प्रभावित हुई है। वहीं, स्थानीय साप्ताहिक बाजारों में भी सन्नाटा पसरा रहा।
हर साल की वही समस्या, नहीं सुधरी पुलिया की हालत
स्थानीय ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए बताया कि छिंदई नाला पर बनी पुलिया की ऊंचाई काफी कम है, जिससे हर मानसून में यही स्थिति उत्पन्न होती है। वर्षों से इसे ऊंचा करने की मांग की जा रही है, लेकिन प्रशासन की अनदेखी के चलते आज भी लोग परेशानी झेल रहे हैं।
किसानों को बड़ा झटका, फसलें बह गईं, बिजली भी गुल
गुरुवार रात तेज गरज-चमक के साथ हुई बारिश ने खेती-किसानी पर भी गहरा असर डाला है। खेतों में पानी भर जाने से थरहा रोपाई करने वाले किसानों की फसल बह गई है। कई जगहों पर सब्जियों की फसल भी बर्बाद हो चुकी है। साथ ही, कई गांवों में बिजली आपूर्ति भी पूरी तरह ठप हो गई है।
सड़कें हुईं बदहाल, रेत वाहनों ने बढ़ाई मुसीबत
बारिश के चलते करतला क्षेत्र की कई सड़कों की हालत और खराब हो गई है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे हो चुके हैं। नालियों के अभाव में पानी सड़क पर जमा हो रहा है। सुपातराई, बांधापाली और लबेद सहित आसपास के गांवों की सड़कें कीचड़ और गड्ढों में तब्दील हो गई हैं। रेत परिवहन में लगे भारी वाहनों ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है।
हाथियों का खतरा मंडराया, वन विभाग ने दी चेतावनी
बारिश के चलते जंगलों में जलभराव की स्थिति बन गई है, जिससे हाथियों के झुंड अब रिहायशी इलाकों की ओर रुख कर रहे हैं। कुदमुरा रेंज में इस समय 23 हाथियों की मौजूदगी बताई जा रही है। हाल ही में एक महिला की हाथी हमले में जान जा चुकी है। वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने और रात के समय बाहर न निकलने की सलाह दी है।



