Alert chhattisgarh! प्रतिनिधि | भिलाई: सिख युवा सेवा समिति भिलाई, छत्तीसगढ़ के तत्वावधान में सुपेला स्थित गुरुद्वारा बाबा दीप सिंह शहीदां में सात व्यक्तियों ने पुनः सिख धर्म अपना कर घर-वापसी की। यह कार्यक्रम समिति के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह छोटू और छत्तीसगढ़ सिख पंचायत के अध्यक्ष जसवीर सिंह चाहल के नेतृत्व में सम्पन्न हुआ। गुरुद्वारा […]Read More
Alert Chhattisgarh प्रतिनिधि | बिलासपुर जिले में महज चार दिनों के भीतर दो ज्वेलरी कारोबारियों से चार करोड़ रुपये से अधिक की लूट की घटनाओं ने पुलिस प्रशासन को सतर्क कर दिया है। लगातार हुई इन बड़ी वारदातों के बाद प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अरुणदेव गौतम शनिवार सुबह बिलासपुर पहुंचे और उच्च अधिकारियों के साथ […]Read More
अध्यात्म की अनूठी यात्रा: आत्म-विस्मरण से आत्म-जागरण तक: दर्शक और
ओशो- अष्टावक्र कहते हैं मनुष्य का स्वभाव द्रष्टा का है। न तो दृश्य बनना है और न दर्शक। अब कभी तुम यह भूल मत कर लेना.। कई बार मैंने देखा है, कुछ लोग यह भूल कर लेते हैं, वे समझते हैं दर्शक हो गए तो द्रष्टा हो गये। इन दोनों शब्दों में बड़ा बुनियादी फर्क […]Read More
अध्यात्म की अनूठी यात्रा: “दृश्य से द्रष्टा तक: आत्मा की
व्यक्ति दृश्य नहीं है, द्रष्टा है। ओशो- दुनियां में तीन तरह के व्यक्ति हैं, वे, जो दृश्य बन गये—वे सबसे ज्यादा अंधेरे में हैं, दूसरे वे, जो दर्शक बन गये—वे पहले से थोड़े ठीक हैं, लेकिन कुछ बहुत ज्यादा अंतर नहीं है; तीसरे वे, जो द्रष्टा बन गए। तीनों को अलग—अलग समझ लेना जरूरी है। […]Read More
अध्यात्म की अनूठी यात्रा: “आप दर्शक हैं या द्रष्टा? सच
व्यक्ति दृश्य नहीं है, द्रष्टा है ओशो- दुनियां में तीन तरह के व्यक्ति हैं, वे, जो दृश्य बन गये—वे सबसे ज्यादा अंधेरे में हैं, दूसरे वे, जो दर्शक बन गये—वे पहले से थोड़े ठीक हैं, लेकिन कुछ बहुत ज्यादा अंतर नहीं है; तीसरे वे, जो द्रष्टा बन गए। तीनों को अलग—अलग समझ लेना जरूरी है। […]Read More
अध्यात्म की अनूठी यात्रा: दूसरों की नजर नहीं, अपने भीतर
जैसी मति, वैसी गति—(तीसरा—प्रवचन) 13 सितंबर, 1976 ओशो आश्रम, पूना। अष्टावक्र उवाच। एको द्रष्टाsसि सर्वस्य मुक्तप्रायोऽसि सर्वदा। अयमेव हि ते बंधो द्रष्टारं यश्यसीतरम्।।7।। अहं कतेत्यहंमानमहाकृष्णहि दंशित। नाहं कत्तेंति विश्वासामृत पीत्वा सुखी भव।। 8।। एको विशुद्धबोधोउहमिति निश्चवह्रिना। प्रज्वाल्याज्ञानगहनं वीतशोक: सुखी भव।। 9।। यत्र विश्वमिदं भाति कल्पित रज्जुसर्यवत्! आनंदपरमानद स बोधक्ल सुखं चर।। 10।। मुक्ताभिमानी मुक्तो हि बद्धो […]Read More
अध्यात्म की अनूठी यात्रा: मनुष्य स्वयं को श्रेष्ठ मानने के
प्रश्न- यदि लोग सुख—दुख में प्रतिक्रिया करना छोड़ दें तो वे पशु या पेड़—पौधे जैसे तो नहीं हो जायेंगे?’ ओशो- पहली तो बात, तुमसे किसने कहा कि पशु और पेड़—पौधे तुमसे खराब हालत में हैं? तुमने ही उमनान ध्यलिया, पेड़—पौधों से भी तो पूछो! पशुओं से भी तो पूछो! थोड़ा पशुओं की आंख में भी […]Read More
अध्यात्म की अनूठी यात्रा: जागरण तुम्हारा चुनाव है, किसी का
‘आप लोगों को भ्रम में तो नहीं डाल रहे हैं?’ ओशो- तुम सोचते हो लोग भ्रम में हैं नहीं? अगर लोग भ्रम में नहीं हैं तो निश्चित ही मैं भ्रम में डाल रहा हूं। मगर, अगर लोग भ्रम में नहीं हैं तो भ्रम में डाले कैसे जा सकेंगे? इतने बुद्धपुरुष भ्रम में डाले जा सकते […]Read More
ओशो आश्रम में आत्म क्रांति का महासंगम: तीन दिवसीय ध्यान
भिलाई-3 बना आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र भिलाई-3 स्थित उम्दा रोड के ओशो आश्रम में आध्यात्म, ध्यान और आत्म-रूपांतरण का एक अनूठा संगम देखने को मिलेगा। 12 फरवरी 2026 की संध्या से शुरू होने वाले “ओशो आत्म क्रांति साधना शिविर” का आयोजन 13 से 15 फरवरी तक तीन दिवसीय स्वरूप में किया जा रहा है। यह […]Read More
भिलाई-3/ ऐतिहासिक कलचुरीकालीन शिव मंदिर देवबलोदा में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले महाशिवरात्रि महोत्सव को भव्य एवं सुव्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के उद्देश्य से नगर निगम भिलाई-चरौदा के कार्यालय सभाकक्ष में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में निगम क्षेत्र के सभी वार्डों के पार्षद शामिल हुए। देवबलोदा: आस्था का ऐतिहासिक केंद्र नगर निगम भिलाई-चरौदा […]Read More

