राकेश कुमार की रिपोर्ट कुम्हारी। नगर पालिका परिषद कुम्हारी के सीएमओ नेतराम चंद्राकर ने निकाय क्षेत्र के नागरिकों से 17 सितंबर की शाम आयोजित होने वाले‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता की अपील की है। सीएमओ चंद्राकर ने नागरिकों से अपने घर से एक दीपक लेकर सामूहिक आयोजन में शामिल […]Read More
ओशो: संकट अज्ञान का नहीं, ज्ञान के विस्फोट का है—पुरानी
ओशो- यह देश शायद अपने इतिहास के सबसे ज्यादा संकटपूर्ण समय से गुजर रहा है। संकट तो आदमी पर हमेशा रहे हैं। ऐसा तो कोई भी क्षण नहीं है जो क्राइसिस का, संकट का क्षण न हो। लेकिन जैसा संकट आज है, ठीक वैसा संकट मनुष्य के इतिहास में कभी भी नहीं था। इस संकट […]Read More
हजारों साल से भाग्य को मानने वाला भारत आखिर कब
ओशो- जॉन डिवी ने पश्चिम में एक वक्तव्य दिया और उसने कहा कि पश्चिम की जो सयता है वह सेंसेट है, सेंसुअल है, पश्चिम की सयता जो है वह ऐंद्रिक है। तो हिंदुस्तान भर के साधु-संन्यासियों का मन बड़ा प्रसन्न हुआ। एक बड़े संन्यासी मुझे मिल रहे थे, उन्होंने कहाः आपने सुना, जॉन डिवी कहता […]Read More
“अतीत के सम्राटों पर गर्व करने से वर्तमान का भिखमंगापन
ओशो- हिंदुस्तान के समाज को यह ख्याल है कि हमारा धार्मिक समाज है। क्यों? क्योंकि हम एक कृष्ण को पैदा कर लेते हैं, एक नानक को पैदा कर लेते हैं, एक कबीर को पैदा कर लेते हैं। ये व्यक्ति हैं, और हम इन सबका मजा लेते हैं कि हमारा पूरा समाज धार्मिक हो गया। हम […]Read More
आईसीएफएआई विश्वविद्यालय का तीसरा दीक्षांत समारोह गरिमामय माहौल में संपन्न
राज्यपाल रामेन डेका ने कहा—“दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से भावुक और गौरवपूर्ण अवसर” रायपुर। राकेश कुमार की रिपोर्ट आईसीएफएआई विश्वविद्यालय, रायपुर का तीसरा दीक्षांत समारोह गरिमामय एवं भव्य वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रामेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री […]Read More
ओशो- हम अतीत में जो सबसे अच्छा आदमी हुआ है उसे आज के सबसे बुरे आदमी से तौलते हैं। बड़ी अजीब बात है! राम को, बुद्ध को, महावीर को, कृष्ण को, क्राइस्ट को हम अपने पड़ोसी से तौलते हैं। हम यह भूल जाते हैं कि राम उस जमाने का सबसे बेहतर आदमी है और अखबार […]Read More
ओशो- मेरे प्रिय आत्मन्! सुना है मैंने, एक गांव में बहुत पुराना चर्च था। वह चर्च इतना पुराना था कि आज गिरेगा या कल, कहना मुश्किल था। हवाएं जोर से चलती थीं तो गांव के लोग डरते थे कि चर्च गिर जाएगा। आकाश में बादल आते थे तो गांव के लोग डरते थे कि चर्च […]Read More
“ओशो: बूढ़े चित्त से नहीं बनेगा नया भारत, विचार बदलेंगे
ओशो- मैं अभी बंगाल में था। तो बंगाल में जो मुझे दिखाई पड़ा, चाहता हूं, पूरे मुल्क के एक-एक युवक को कह दूं कि वह गुलामी को निमंत्रण है। और बंगाल राजी हो जाएगा। बंगाल में दस-पच्चीस आदमी अगर एक सड़क पर एक पुलिसवाले की हत्या कर रहे हैं, तो पूरे लोग अपने दरवाजे बंद […]Read More
ओशो: अतीत का गुणगान करने वाला बूढ़ा, भविष्य बनाने का
ओशो- जिंदगी की कहानी आकाश में उड़ते हुए पक्षियों की कहानी है। अगर हम किसी पक्षी का पीछा करें तो उसके पैरों के कोई चिह्न नहीं छूटते हैं कहीं भी, पक्षी उड़ जाता है पीछे आकाश खाली हो जाता है। जिंदगी में कहीं कोई चिह्न नहीं छूटते। जिंदगी में सब विस्मृत हो जाता है। जिंदगी […]Read More
“ओशो: भारत को बूढ़ी सोच नहीं, जवान चित्त की जरूरत
ओशो- भारत को जवान चित्त की आवश्यकता मेरे प्रिय आत्मन्! एक छोटी सी कहानी से मैं अपनी बात शुरु करना चाहूंगा। सुना है मैंने कि चीन में एक बहुत बड़ा विचारक लाओत्सु पैदा हुआ। लाओत्सु के संबंध में कहा जाता है कि वह बूढ़ा ही पैदा हुआ। यह बड़ी हैरानी की बात मालूम पड़ती है। […]Read More



