ओशो- तुम्हारा धर्म आत्मवंचना है। पृथ्वी पर जो इतने मंदिर—मस्जिद दिखाई पड़ते हैं, वे तुम्हारे धोखे का विस्तार हैं। जिस दिन तुम्हें यह दिखाई पड़ेगा, उस दिन तुम्हारी आंख भीतर लौटनी शुरू होगी। उस दिन तुम असली मंदिर खोजोगे। वह मंदिर तुम हो। इसलिए कबीर कहते हैं:“मो को कहां ढूंढो रे बंदे, मैं तो तेरे […]Read More
ओशो- मोरारजी देसाई जब जवान थे तो एक लड़की से शादी करना चाहते थे। पिता पक्ष में नहीं थे। बात इतनी बिगड़ गई कि पिता ने कुएं में कूद कर आत्महत्या कर ली!मोरारजी को बहुत लोगों ने समझाया कि शादी तो अब तुम कर ही लेना जिससे करनी है, लेकिन कम से कम अभी कुछ […]Read More
गौरेला पेंड्रा मरवाही / ज्ञात हो कि दिनांक 12 -08-2023 दिन शनिवार को शासन की महत्वपूर्ण योजना बालिका शिक्षा के प्रोत्साहन हेतु सरस्वती निशुल्क साइकिल वितरण योजना के तहत कक्षा नवमी में अध्ययन कर रही नव प्रवेशी पात्र छात्राओं को साइकिल वितरण किया गया जिससे छात्राओं के चेहरे खिल उठे। कार्यक्रम में आमंत्रित मुख्य […]Read More
ओशो : प्रेम में ईष्या हो तो प्रेम ही नहीं है; फिर प्रेम के नाम से कुछ और ही रोग चल रहा है। ईष्या सूचक है प्रेम के अभाव की।यह तो ऐसा ही हुआ, जैसे दीया जले और अंधेरा हो। दीया जले तो अंधेरा होना नहीं चाहिए। अंधेरे का न हो जाना ही दीए के […]Read More
भिलाई/ बहुउद्देशीय स्वयं सेवी संस्था “कर्तव्य” और “अग्नि महिला कल्याण समिति” के तत्वधान में बचपन के रंग डॉ.संगीता शाह संग कार्यक्रम में डॉ. सर्वपल्ली राधा कृष्णन पब्लिक स्कूल बाल मंदिर कैम्प 2 में बच्चों को नि:शुल्क शालेय गणवेश, पुस्तक, कॉपी का वितरण किया गया। इस दौरान सिमप्लेक्स कास्टिंग एमडी व समाज सेवी डॉ संगीता शाह […]Read More
ओशो- मंसूर निकल रहा है एक गली से, एक सूफी फकीर। फूल खिला है। खड़ा हो गया मंसूर। हाथ जोड़े, आकाश की तरफ देखा। उसके साधकों ने पूछा, यहां किसको हाथ जोड़ रहे हैं? कोई मस्जिद नजर नहीं आती! मैसूर ने कहा, फूल खिला हैं, प्रभु की कृपा! अन्यथा फूल कैसे खिल सकते हैं! यह […]Read More
ओशो- अभी रूस और अमरीका दोनों के वैज्ञानिक इस बात में उत्सुक हैं कि किसी भी तरह बिना किसी माध्यम के विचार संक्रमण के, टेलीपैथी के सूत्र खोज लिए जाएं। क्योंकि जब से लूना खो गया है उसके रेडियो के बंद हो जाने से यह खतरा खड़ा हो गया है कि मशीन पर अंतरिक्ष में […]Read More
ओशो- पहली बात, जिन्दगी पर ध्यान चाहिए। मेडीटेशन आन लाइफ, मौत पर नहीं। तो आदमी जवान से जवान होता चला जाता है। बुढ़ापे के अंतिम क्षण तक मौत द्वार पर भी खड़ी हो तो वैसा आदमी जवान होता है।दूसरी बात, जो आदमी जीवन में सुंदर को देखता है, जो आदमी जवान है; वह आदमी असुंदर […]Read More
Uniform Civil Code: The answer to gender disparity “Insha Warsi,
The debate around Uniform Civil Code (UCC) has suddenly gained momentum after the 22nd Law Commission of India recently sought the views Read More
ओशो- जब हम कहते है विकास तो उससे सा भ्रम पैदा होता है किस भी दिशाओं में विकास हो गया होगा, इवोल्यूशन हो गया होगा। आदमी की जिंदगी इतनी बड़ी चीज है, अगर आप एकाध चीज में विकास कर लेते हैं तो आपको पता ही नहीं चलता कि आप किसी दूसरी चीज में पीछे छूट […]Read More



