बिलासपुर में दिवाली की खुशियां मातम में बदलीं: खेलते-खेलते पूजा की घंटी आंख में घुसी, मासूम की हालत गंभीर

 बिलासपुर में दिवाली की खुशियां मातम में बदलीं: खेलते-खेलते पूजा की घंटी आंख में घुसी, मासूम की हालत गंभीर

बिलासपुर/ दिवाली की रात जहां हर घर में खुशियों की रोशनी बिखरी हुई थी, वहीं बिलासपुर जिले के मस्तूरी क्षेत्र से एक दर्दनाक हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया। महज 10 साल की एक मासूम बच्ची की आंख में पूजा की घंटी घुस जाने से उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।

दिवाली पूजा के दौरान हुआ हादसा

मस्तूरी निवासी दीपक सिंह अपने परिवार के साथ 20 अक्टूबर की रात घर में लक्ष्मी पूजा कर रहे थे। उसी दौरान उनकी 10 वर्षीय बेटी काव्या सिंह पूजा के पास खेल रही थी। खेलते-खेलते अचानक उसका पैर फिसला और गिरते समय पास रखी पूजा की घंटी उसकी आंख में जा धंसी।

हादसा इतना भयावह था कि घंटी का सिरा आंख को चीरते हुए सीधे मस्तिष्क तक पहुंच गया। कुछ ही पलों में घर की खुशी चीख-पुकार में बदल गई और परिजन घबराहट में बच्ची को लेकर अस्पताल पहुंचे।

स्थानीय अस्पताल से सिम्स और फिर एम्स रायपुर रिफर

परिजनों ने पहले काव्या को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे सिम्स बिलासपुर रेफर किया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद स्थिति गंभीर बताई और तत्काल एम्स रायपुर भेजने का निर्णय लिया।

सर्जरी से निकाली गई घंटी, एक आंख खोने का खतरा

एम्स रायपुर में डॉक्टरों की विशेष टीम ने तुरंत सर्जरी की। ऑपरेशन के दौरान बच्ची की आंख में फंसी घंटी को सफलतापूर्वक निकाला गया, लेकिन डॉक्टरों ने बताया कि उसका एक हिस्सा मस्तिष्क तक पहुंच गया था, जिससे दिमाग पर गहरा असर पड़ा है।

डॉक्टरों के अनुसार, बच्ची की एक आंख को गंभीर क्षति पहुंची है और उसकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। चिकित्सक लगातार उसकी निगरानी कर रहे हैं।

खुशियों के त्योहार में पसरा सन्नाटा

इस दर्दनाक हादसे ने दीपक सिंह के परिवार और पूरे मोहल्ले को सदमे में डाल दिया है। दिवाली की रात, जो आमतौर पर दीपों और हंसी से भरी होती है, वहां अब चिंता और प्रार्थना का माहौल है।

लोग बच्ची की सलामती के लिए दुआ कर रहे हैं, वहीं डॉक्टरों की टीम उसकी जान बचाने में पूरी कोशिश में जुटी है।