“36 साल से जेल और फाइव स्टार होटलों के बीच घूमता रहा ठग, रायपुर में 2 लाख की चपत लगाकर भागा, भुवनेश्वर से गिरफ्तार”

 “36 साल से जेल और फाइव स्टार होटलों के बीच घूमता रहा ठग, रायपुर में 2 लाख की चपत लगाकर भागा, भुवनेश्वर से गिरफ्तार”

तिहाड़ से मिली ‘ठगी की सीख’, फाइव स्टार होटलों को बनाता रहा निशाना

रायपुर। राजधानी रायपुर के एक प्रतिष्ठित होटल में लाखों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने देशभर में होटल ठगी के लिए कुख्यात 69 वर्षीय बिंगसन जान को ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर से गिरफ्तार किया है। आरोपित का आपराधिक इतिहास तीन दशक से अधिक पुराना बताया जा रहा है और उसके खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में कई मामले दर्ज हैं।

तीन दशक से ज्यादा समय से सक्रिय है ठग

पुलिस जांच में सामने आया है कि तमिलनाडु निवासी बिंगसन जान पिछले लगभग 36 वर्षों से महंगे और लग्जरी होटलों को अपना निशाना बनाता रहा है। जांच एजेंसियों के अनुसार वह देश के विभिन्न महानगरों में स्थित सैकड़ों होटलों में ठगी और धोखाधड़ी की घटनाओं को अंजाम दे चुका है।अधिकारियों का दावा है कि उसके खिलाफ दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, ओडिशा सहित कई राज्यों में आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। लंबे समय तक जेल में रहने के बावजूद उसने अपराध का रास्ता नहीं छोड़ा।

तिहाड़ जेल में बदला अपराध का तरीका

पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि वर्ष 1996 में वह पहली बार तिहाड़ जेल पहुंचा था। वहीं उसकी मुलाकात और प्रभाव कुख्यात अंतरराष्ट्रीय अपराधी चार्ल्स शोभराज की गतिविधियों से हुआ। इसके बाद उसने पारंपरिक चोरी के बजाय योजनाबद्ध होटल ठगी का तरीका अपनाया।जांच अधिकारियों के मुताबिक जेल से बाहर आने के बाद वह बड़े शहरों के आलीशान होटलों को चुनता और नई पहचान के साथ वहां ठहरकर ठगी की वारदात को अंजाम देता था।

विदेशी गाइड और शिक्षक बनकर करता था एंट्री

आरोपित की कार्यप्रणाली भी काफी दिलचस्प और सुनियोजित बताई जा रही है। वह खुद को कभी विदेशी पर्यटकों का ट्रैवल गाइड, कभी अंग्रेजी शिक्षक तो कभी योग प्रशिक्षक बताकर होटल प्रबंधन का विश्वास जीतता था।

होटल में कई दिनों तक रुकने के दौरान वह सभी सुविधाओं का उपयोग करता और आवश्यकता पड़ने पर महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या अन्य सामान भी किराये पर प्राप्त कर लेता था। इसके बाद अचानक होटल छोड़कर फरार हो जाता था।

रायपुर के होटल में लाखों की धोखाधड़ी

हालिया मामला रायपुर के तेलीबांधा क्षेत्र स्थित होटल हयात से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार आरोपित ने 25 जून को होटल में कमरा लिया था। दो दिन बाद वह बिना औपचारिक प्रक्रिया पूरी किए होटल से निकल गया।उस पर होटल का लगभग 63 हजार रुपये से अधिक का बकाया बिल छोड़ने के साथ ही विशेष अनुरोध पर उपलब्ध कराया गया करीब 1.48 लाख रुपये मूल्य का लैपटॉप लेकर फरार होने का आरोप है। इस तरह कुल नुकसान लगभग 2.12 लाख रुपये का बताया गया।

मोबाइल बंद, फिर शुरू हुई तलाश

घटना के बाद होटल प्रबंधन ने आरोपित से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उसके द्वारा उपलब्ध कराए गए दोनों मोबाइल नंबर बंद मिले। संदेह होने पर होटल प्रबंधन ने तेलीबांधा थाने में शिकायत दर्ज कराई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और विभिन्न राज्यों से प्राप्त जानकारियों के आधार पर जांच शुरू की। आखिरकार उसे भुवनेश्वर से गिरफ्तार कर रायपुर लाया गया।

‘जेल और फाइव स्टार होटल’ के बीच गुजरी जिंदगी

पूछताछ के दौरान बिंगसन जान ने कथित रूप से स्वीकार किया कि उसका अधिकांश जीवन जेलों और महंगे होटलों के बीच बीता है। वह जेल से रिहा होने के बाद किसी नए शहर में पहुंचता और वहां के प्रतिष्ठित होटल को निशाना बनाकर फिर ठगी की योजना बनाता था।

पुलिस अब उसके पुराने मामलों और देश के अन्य राज्यों में दर्ज अपराधों की जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि हाल के वर्षों में उसने किन-किन शहरों में इसी तरह की वारदातों को अंजाम दिया है।