27 आपराधिक मामलों वाला आदतन अपराधी सोमेश वैष्णव जिलाबदर, दुर्ग समेत 7 जिलों में एक साल तक प्रवेश पर रोक
लूट, मारपीट, अवैध हथियार और शराब तस्करी सहित 27 मामलों में आरोपी रहा शामिल, दुर्ग पुलिस के प्रतिवेदन पर जिला दण्डाधिकारी ने जारी किया आदेश
दुर्ग। जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने और आदतन अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आदतन अपराधी सोमेश वैष्णव को एक वर्ष के लिए जिलाबदर कर दिया है। दुर्ग पुलिस द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर जिला दण्डाधिकारी, दुर्ग ने छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5(क)(ख) के तहत यह आदेश जारी किया है।
जानकारी के अनुसार, सोमेश वैष्णव (37 वर्ष), निवासी ग्राम अंजोरा, थाना पुलगांव, जिला दुर्ग के विरुद्ध वर्ष 2002 से 2023 के बीच लूट, मारपीट, गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी, अवैध हथियार रखने तथा अवैध शराब बिक्री जैसे गंभीर अपराधों सहित कुल 27 आपराधिक प्रकरण दर्ज पाए गए हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी के खिलाफ समय-समय पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई, लेकिन उसके व्यवहार और गतिविधियों में कोई सुधार नहीं आया।
पुलिस द्वारा प्रस्तुत विस्तृत प्रतिवेदन और उपलब्ध अभिलेखों के परीक्षण के बाद जिला दण्डाधिकारी ने पाया कि आरोपी की लगातार आपराधिक गतिविधियों के कारण क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल बन रहा था। उसकी मौजूदगी से लोक व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बनी हुई थी, जिसके चलते उसके विरुद्ध जिलाबदर की कार्रवाई आवश्यक समझी गई।
जारी आदेश के अनुसार सोमेश वैष्णव को आदेश की तिथि से एक सप्ताह के भीतर जिला दुर्ग और उससे लगे सीमावर्ती जिलों की सीमा से बाहर जाना होगा। इसके तहत उसे दुर्ग, राजनांदगांव, रायपुर, धमतरी, बेमेतरा, बालोद तथा खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले की सीमा से बाहर रहना होगा। साथ ही आगामी एक वर्ष तक वह सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना इन जिलों की सीमा में प्रवेश नहीं कर सकेगा।
दुर्ग पुलिस ने इस कार्रवाई को जिले में शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आदतन अपराधियों और असामाजिक तत्वों के विरुद्ध भविष्य में भी इसी प्रकार की कठोर और प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी।
आम नागरिकों से सहयोग की अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने क्षेत्र में होने वाली किसी भी आपराधिक, संदिग्ध अथवा असामाजिक गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। पुलिस का कहना है कि जनता के सहयोग से ही अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है और जिले में सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सकता है।

