धान संग्रहण में भारी गड़बड़ी, शासन को लगभग 10 करोड़ का नुकसान

बालोद/ छत्तीसगढ़ सरकार को बालोद जिले से बड़ा आर्थिक झटका लगा है। जिले के दो प्रमुख धान संग्रहण केंद्रों में भारी मात्रा में धान की कमी सामने आई है। जांच में कुल 43 हजार 235 क्विंटल धान का शॉर्टेज पाया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत 9 करोड़ 97 लाख 24 हजार 836 रुपये बताई जा रही है।

इस मामले में जिला विपणन अधिकारी की शिकायत पर पुलिस ने संग्रहण केंद्र प्रभारियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है।

ऑनलाइन रिकॉर्ड से हुआ खुलासा

वर्ष 2024–25 के दौरान धोबनपुरी और जगतरा धान संग्रहण केंद्रों में भंडारित धान और उसके उठाव की जांच कार्यालय में उपलब्ध ऑनलाइन रिकॉर्ड के आधार पर की गई। जांच के दौरान वास्तविक भौतिक मिलान करने पर बड़ी अनियमितता उजागर हुई।

जगतरा संग्रहण केंद्र में 5.59 करोड़ की हेराफेरी

बालोद थाना क्षेत्र के ग्राम जगतरा स्थित धान संग्रहण केंद्र में जांच के दौरान सामने आया कि—

  • कुल भंडारित धान: 9,15,939 क्विंटल 37 किलो
  • राइस मिलरों को प्रदाय धान: 8,91,728 क्विंटल 62 किलो
  • शेष होना चाहिए था: 24,210 क्विंटल 75 किलो

लेकिन निरीक्षण में पाया गया कि यह पूरी मात्रा गायब है।
इस शॉर्टेज की कुल कीमत 5 करोड़ 59 लाख 10 हजार 198 रुपये आंकी गई है।

केंद्र प्रभारी पर आरोप

डीएमओ टिकेंद्र राठौर ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि क्षेत्र सहायक राणा रन्ती देव सिंह वर्मा, प्रभारी धान संग्रहण केंद्र जगतरा, ने धान की हेराफेरी कर शासन को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया है।

धोबनपुरी केंद्र में भी भारी कमी, 4.38 करोड़ का नुकसान

इसी तरह गुरुर थाना क्षेत्र के ग्राम धोबनपुरी धान संग्रहण केंद्र में भी गंभीर अनियमितता पाई गई।

जांच में सामने आया कि—

  • कुल भंडारित धान: 6,76,545 क्विंटल 97 किलो
  • राइस मिलरों को प्रदाय: 6,57,531 क्विंटल 52 किलो
  • भौतिक मिलान में कमी: 19,014 क्विंटल

इस धान की अनुमानित कीमत 4 करोड़ 38 लाख 14 हजार 638 रुपये है।

केंद्र प्रभारी जिम्मेदार

डीएमओ के अनुसार, धोबनपुरी संग्रहण केंद्र प्रभारी व्यासनारायण ठाकुर द्वारा धान की हेराफेरी कर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाई गई है।

शासन की तय सूखत सीमा से अधिक कमी

जिला विपणन अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जांच में पाई गई धान की कमी शासन द्वारा निर्धारित सूखत सीमा से कहीं अधिक है। ऐसे में संग्रहण केंद्र प्रभारी ही इस पूरे मामले के लिए जिम्मेदार माने गए हैं।

पुलिस ने दर्ज किया अपराध

डीएमओ टिकेंद्र राठौर की शिकायत पर पुलिस ने दोनों संग्रहण केंद्र प्रभारियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 137(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
फिलहाल प्रकरण की विवेचना जारी है और आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।