शिक्षा की गुणवत्ता पर बीईओ और बीआरसी का औचक निरीक्षण, कई कमियां आईं सामने

मरवाही(प्रयास कैवर्त)/ विकासखंड मरवाही के विभिन्न सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता की वास्तविक स्थिति जानने के लिए गुरुवार को खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) आर.एन. चंद्रा और ब्लॉक संसाधन समन्वयक (बीआरसी) अजय राय ने औचक निरीक्षण किया।

कई स्कूलों का निरीक्षण, शिक्षण व्यवस्था की ली जानकारी

अधिकारियों ने प्राथमिक शाला लरकेनी, माध्यमिक शाला करसीवा, प्राथमिक शाला चिचगोहना, प्राथमिक शाला कुम्हारी एवं माध्यमिक शाला कुम्हारी पहुंचकर शिक्षण व्यवस्था, विद्यार्थियों की उपस्थिति, मिड-डे मील और अनुशासन सहित कई बिंदुओं का विस्तृत अवलोकन किया।कक्षाओं में पहुंचकर बच्चों से पूछे सवाल

निरीक्षण टीम ने कक्षाओं में जाकर बच्चों से गणित व भाषा के प्रश्न पूछे और ब्लैकबोर्ड पर हल करवाकर शिक्षण स्तर का वास्तविक मूल्यांकन किया। इस दौरान कुछ विद्यालयों में उपस्थिति कम पाई गई और शिक्षण सामग्री के उपयोग में लापरवाही भी सामने आई, जिस पर संबंधित शिक्षकों को मौखिक चेतावनी दी गई।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता: बीईओ

बीईओ आर.एन. चंद्रा ने कहा,
“शासन की प्राथमिकता गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है। हर शिक्षक का दायित्व है कि वह बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए जिम्मेदारी से कार्य करे।”

निरंतर निगरानी होगी शिक्षकों की उपस्थिति और गतिविधियों पर

बीआरसी अजय राय ने बताया कि शिक्षकों की उपस्थिति, शिक्षण कार्य और कक्षा गतिविधियों को लेकर अब नियमित निगरानी की जाएगी, ताकि बच्चों को बेहतर सीखने का वातावरण प्राप्त हो सके।

स्वच्छता, मिड-डे मील और अनुशासन की भी समीक्षा

निरीक्षण के दौरान विद्यालय परिसर की स्वच्छता, भोजन की गुणवत्ता, रसोई व्यवस्था तथा छात्र-छात्राओं के अनुशासन पर भी विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने शिक्षकों को विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण अपनाने और दैनिक शिक्षण योजना का पालन अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए।

ग्रामीणों ने स्वागत किया निरीक्षण अभियान का

ग्रामवासियों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे निरीक्षणों से शिक्षकों में जिम्मेदारी बढ़ती है और बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि भी मजबूत होती है।