नवरात्रि विशेष ध्यान उत्सव : भिलाई-3 ओशो आश्रम में साधना और शक्ति की अनुभूति 

भिलाई/ नवरात्रि के पावन अवसर पर उमदा रोड, भिलाई-3 स्थित ओशो आश्रम में रविवार, 28 सितम्बर को नवरात्रि विशेष ध्यान उत्सव का भव्य आयोजन हुआ।  स्वामी धर्म चैतन्य के सानिध्य में हुए इस आयोजन में साधक और श्रद्धालु शामिल हुए। दिनभर चले विभिन्न ध्यान सत्रों के जरिए साधकों ने देवी शक्ति की अनुभूति और आंतरिक शांति का अनुभव किया।

 काली ध्यान – क्रोध और हिंसा से मुक्ति

सुबह 8:00 से 9:00 बजे तक “काली ध्यान” सत्र का आयोजन हुआ। इस विशेष साधना का उद्देश्य साधकों के भीतर छिपे क्रोध, गुस्सा और हिंसा जैसी नकारात्मक ऊर्जाओं का रेचन (मुक्ति) करना था। प्रतिभागियों ने ध्यान के बाद स्वयं को हल्का, शांत और ऊर्जावान महसूस किया।

 नवदुर्गा शक्ति की अनुभूति – चक्र साधना

सुबह 10:00 से 11:00 बजे तक “नवदुर्गा शक्ति की अनुभूति ध्यान” कराया गया। इस सत्र में साधकों ने चक्र साधना के माध्यम से अपनी आंतरिक शक्ति और देवी ऊर्जा से जुड़ने का अनुभव किया। नवरात्रि पर्व पर देवी दुर्गा की आराधना के बीच यह साधना साधकों के लिए विशेष आध्यात्मिक क्षण रहा।

 “नमः” का प्रयोग – हकार साधना

दोपहर 12:00 से 1:00 बजे तक “नमः का प्रयोग – हकार साधना” सत्र संपन्न हुआ। इसे एक विशेष तांत्रिक साधना माना जाता है। स्वामी धर्म चैतन्य ने साधकों को इस ध्यान की गहराई में उतारते हुए “नमः” ध्वनि के रहस्यमय प्रभाव और आंतरिक परिवर्तन की प्रक्रिया को समझाया।

साधकों ने महसूस की शक्ति और शांति

सुबह 8 बजे से दोपहर तक चले इन ध्यान प्रयोगों से पूरा आश्रम ऊर्जा और सकारात्मकता से भर गया। साधकों ने न केवल शांति और सुकून का अनुभव किया, बल्कि देवी शक्ति की अनुपम अनुभूति भी प्राप्त की। नवरात्रि पर आयोजित यह उत्सव साधकों के लिए एक आध्यात्मिक यात्रा और आत्मिक उत्थान का अनोखा अनुभव साबित हुआ।

नवरात्रि साधना का संदेश
इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि देवी शक्ति की साधना केवल पूजन-अर्चन तक सीमित नहीं है, बल्कि ध्यान और साधना के माध्यम से इसे आत्मसात भी किया जा सकता है।