छत्तीसगढ़ में आसमान से बरपा कहर : दो की मौत, सीआरपीएफ जवान घायल


रायपुर/ बुधवार को छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में मौसम अचानक बदल गया। हल्की बारिश और गरज-चमक के बीच आसमान से गिरी बिजली ने दो लोगों की जान ले ली, वहीं गश्त पर निकला एक जवान बुरी तरह घायल हो गया।
स्कूल मैदान में खेलते-खेलते बुझ गया मासूम का जीवन
राजधानी रायपुर के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र स्थित सेंट जोसेफ स्कूल में दोपहर करीब एक बजे बड़ा हादसा हो गया। 10वीं कक्षा का छात्र प्रभात साहू खेल पीरियड के दौरान अपने दोस्तों के साथ मैदान में फुटबॉल खेल रहा था। तभी अचानक आसमान से गिरी बिजली उसकी जान ले गई।
स्कूल प्रबंधन तुरंत उसे नजदीकी निजी अस्पताल लेकर पहुंचा, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
मृतक छात्र के पिता शिवशरण साहू ईओडब्ल्यू में प्रधान आरक्षक हैं। परिवार मूल रूप से जशपुर का रहने वाला है और वर्तमान में रायपुर के विजेता कॉम्प्लेक्स में रहता है।
खेत से लौट रही किशोरी पर गिरी बिजली
इसी तरह का एक और हादसा अभनपुर के ग्राम पंचायत सलौनी में हुआ। यहां 17 वर्षीय किशोरी खम्महन भारती खेत से लौट रही थी। तभी तेज गरज के साथ गिरी आकाशीय बिजली की चपेट में आकर उसकी मौत हो गई।
परिजनों और ग्रामीणों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक वह गंभीर रूप से झुलस चुकी थी। इस हादसे से पूरे इलाके में मातम का माहौल है।
गश्त के दौरान बिजली की चपेट में आया जवान
तीसरी घटना सुकमा जिले के जगरगुंडा थाना क्षेत्र की है। यहां नरसापुरम स्थित सीआरपीएफ कैंप में पदस्थ जवान साधन राय (निवासी पश्चिम बंगाल) अपने साथियों के साथ गश्त कर रहा था।
शाम करीब 4 बजे अचानक मौसम बदला और गरज-चमक के बीच जवान पर बिजली गिर गई। उसके सिर पर गंभीर चोट आई। साथी जवानों ने तुरंत उसे कैंप में प्राथमिक उपचार दिया और फिर हालत गंभीर देख दोरनापाल हेडक्वार्टर रेफर कर दिया गया। पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने घटना की पुष्टि की है। फिलहाल जवान की स्थिति स्थिर बताई जा रही है, लेकिन उसे विशेषज्ञों की देखरेख में रखा गया है।
मौसम विभाग की चेतावनी और अपील
मौसम विभाग ने पहले ही रायपुर समेत सात जिलों में दोपहर 12:30 से 3:30 बजे तक वज्रपात की चेतावनी जारी की थी। आने वाले दिनों में भी गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।
प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि बारिश और बिजली के दौरान खुले स्थानों में जाने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।
यह घटनाएँ एक बार फिर सावधानी और जागरूकता की ज़रूरत को सामने लाती हैं, ताकि ऐसे हादसों से मासूम जिंदगियां न जाएं।




