धमतरी पुलिस की नाक के नीचे ‘जंगलराज’: कुकरेल के बीहड़ों में बेखौफ चल रहा जुए का हाईटेक फड़
डोमन साहू | संवाददाता | धमतरी
धमतरी। जिले के कुकरेल, दुगली और केरेगांव के घने जंगल इन दिनों वन्यजीवों की दहाड़ से नहीं, बल्कि जुआरियों की महफिल और रुपयों की खनक से गूंज रहे हैं। पुलिस प्रशासन की ‘मौन सहमति’ कहें या नाकामी, क्षेत्र के जंगलों में बेधड़क और बेखौफ तरीके से जुए का अवैध फड़ संचालित हो रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, पुलिसिया कार्रवाई और ग्रामीणों की नजरों से बचने के लिए शातिर जुआरी रोज अपनी लोकेशन बदल रहे हैं। आज दुगली का जंगल तो कल केरेगांव क्षेत्र का खेत, पठार,जहां यह लुका-छिपी का खेल धड़ल्ले से जारी है। हैरत की बात यह है कि इस अवैध कारोबार की भनक स्थानीय पुलिस को छोड़कर पूरे इलाके को है। पुलिस की नाक के नीचे चल रहे इस काले धंधे को लेकर अब आम जनता में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
बड़ा सवाल: क्या खाकी की सरपरस्ती में फल-फूल रहा है यह जुआ फड़? आखिर क्यों पुलिस का खुफिया तंत्र इस घने जंगल में जाकर पंगु हो जाता है? फिलहाल जंगल के भीतर सज रही इन महफिलों ने एक बार फिर धमतरी पुलिस की मुस्तैदी और उनकी नीयत पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। देखना होगा कि कप्तान इस ‘जंगलराज’ पर कब चाबुक चलाते हैं।

