सुपरवाइजर ने ही की निर्माण सामग्री की चोरी, धमधा पुलिस ने किया गिरफ्तार; ₹40 हजार की सामग्री बरामद
धमधा, दुर्ग। दुर्ग जिले के धमधा थाना क्षेत्र में एक फार्म हाउस निर्माण कार्य के दौरान भरोसे का फायदा उठाकर निर्माण सामग्री चोरी करने वाले सुपरवाइजर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के कब्जे से करीब ₹40,000 मूल्य की चोरी गई निर्माण सामग्री बरामद की गई है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, 27 जुलाई 2026 को प्रार्थी किशन सिंह यादव, निवासी पचरीपारा (दुर्ग) ने थाना धमधा में शिकायत दर्ज कराई कि ग्राम रौंदा स्थित उनकी निजी भूमि पर फार्म हाउस का निर्माण कार्य चल रहा था। निर्माण कार्य के लिए टीन शीट, लोहे के एंगल, प्लास्टिक पाइप और जीआई पाइप सहित अन्य सामग्री मौके पर रखी गई थी। निर्माण कार्य की निगरानी की जिम्मेदारी ग्राम रौंदा निवासी मनोज उर्फ मोनू यादव को सुपरवाइजर के रूप में सौंपी गई थी।
निर्माण कार्य पूरा होने के बाद बची हुई सामग्री का मिलान करने पर कई सामान गायब मिले। संदेह के आधार पर सुपरवाइजर से पूछताछ की गई, लेकिन वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका और काम पर आना भी बंद कर दिया। बाद में जानकारी मिली कि चोरी गई सामग्री आरोपी ने अपने घर के पास छिपाकर रखी हुई है।
शिकायत के आधार पर थाना धमधा में अपराध क्रमांक 208/2026 दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। पूछताछ के दौरान आरोपी ने चोरी की वारदात स्वीकार कर ली। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने चोरी गई पूरी सामग्री बरामद कर विधिवत जब्त कर ली।
बरामद सामग्री
- 09 नग टीन शीट
- 10 नग लोहे के एंगल
- 25 नग काले प्लास्टिक पाइप
- 10 नग जीआई पाइप (बोर हेतु)
कुल अनुमानित मूल्य: ₹40,000
भरोसे का किया दुरुपयोग
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी, जो निर्माण कार्य का सुपरवाइजर था, उसने अपने पद और भरोसे का गलत फायदा उठाते हुए निर्माण कार्य के दौरान बची हुई सामग्री को चोरी कर अपने घर के पास छिपा दिया था।
पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने निर्माण स्थलों, प्रतिष्ठानों और संपत्तियों की नियमित निगरानी करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल निकटतम पुलिस थाना या डायल-112 पर दें। पुलिस ने कहा कि अपराधियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

