हम सड़क पर भीख मांगते आदमी को तो कहते हैं, बुरा है। तेरे पास हाथ-पैर मजबूत हैं, क्यों भीख मांगता है? लेकिन कभी हम अपने संबंध में नहीं सोचते कि मेरी चेतना पूरी ठीक है-फिर मैं क्यों भीख मांग रहा हूं? क्यों कृष्ण के. राम के, बुद्ध के दरवाजे पर खड़ा हूं? “ओशो”
