जमीन विवाद में मारपीट, जान से मारने की धमकी और प्रताड़ना के आरोप, राजकुमार शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताई आपबीती
कुम्हारी प्रेस क्लब में मीडिया के सामने रखे आरोप, पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच और परिवार की सुरक्षा की मांग
कुम्हारी। दुर्ग जिले के कुम्हारी क्षेत्र में जमीन से जुड़े विवाद ने गंभीर रूप ले लिया है। शिवनगर, वार्ड क्रमांक 9 निवासी राजकुमार शर्मा ने प्रेस क्लब कुम्हारी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जमीन संबंधी विवाद, कथित मारपीट, गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी और जबरन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराने के दबाव जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पत्रकारों के सामने पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
राजकुमार शर्मा ने बताया कि जमीन से संबंधित दस्तावेजों और लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा है। उनके अनुसार, 25 जुलाई 2026 को जमीन के कागजात और नामांतरण से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई थी। इस दौरान परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद थे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जमीन के दस्तावेजों को लेकर उन पर दबाव बनाया गया तथा कुछ कागजात पर हस्ताक्षर कराने का प्रयास किया गया।
पारिवारिक विवाद बताकर समझौते की कोशिश, लेकिन नहीं निकला समाधान
राजकुमार शर्मा के अनुसार, शुरुआत में मामले को पारिवारिक विवाद बताकर आपसी बातचीत से सुलझाने का प्रयास किया गया। हालांकि, उनका कहना है कि कई कोशिशों के बावजूद विवाद का समाधान नहीं निकल सका। इसके बाद उन्होंने 16 सितंबर 2026 को दुर्ग पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत दी। उन्होंने बताया कि मामले को खुर्सीपार थाने के संज्ञान में भी लाया गया, लेकिन उनके मुताबिक अब तक उन्हें अपेक्षित परिणाम नहीं मिला है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि जमीन से संबंधित दस्तावेजों और कथित दबाव के मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
मकान पर ताला लगाने और तोड़ने का भी लगाया आरोप
शिकायतकर्ता ने अमलेश्वर स्थित एक मकान को लेकर भी विवाद होने की जानकारी दी। उनके आरोप के मुताबिक, संबंधित लोगों ने मकान पर दो बार ताला लगाया और ताला तोड़ा गया। राजकुमार शर्मा का कहना है कि उनका मकान पर नियमित आना-जाना था, इसलिए इस घटनाक्रम से उन्हें परेशानी हुई।
उन्होंने बताया कि 19 सितंबर 2026 को मकान पर ताला लगाए जाने की जानकारी मिलने के बाद 21 सितंबर को उन्होंने भी ताला तोड़ा। इस मामले में दोनों पक्षों के दावों और घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
फोन पर धमकी और धारदार हथियार से हमला करने का आरोप
राजकुमार शर्मा ने आरोप लगाया कि 10 अक्टूबर 2026 को उन्हें फोन पर गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई। इसके बाद 22 अक्टूबर को उन्हें लगातार फोन कर कुम्हारी स्थित एक स्थान पर बुलाए जाने की बात भी उन्होंने कही।
उनके अनुसार, वहां पहुंचने पर कुछ लोगों ने उनसे आर्थिक लेन-देन के संबंध में पूछताछ की। उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित लोगों के साथ उनका कोई आर्थिक लेन-देन नहीं है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया और उनके साथ गाली-गलौज करते हुए धारदार हथियार से हमला किया गया।
राजकुमार शर्मा ने बताया कि इस घटना के संबंध में उन्होंने कुम्हारी थाने में शिकायत की है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद उपचार के लिए अस्पताल ले जाए जाने के दौरान और बाद में भी उन्हें परेशान किया गया तथा जान से मारने की धमकी दी गई।
जबरन हस्ताक्षर कराने के प्रयास का भी दावा
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राजकुमार शर्मा ने आरोप लगाया कि विवाद के दौरान उनसे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराने का दबाव बनाया गया। उन्होंने दावा किया कि इस पूरे घटनाक्रम के कारण वह और उनका परिवार मानसिक तनाव में हैं तथा उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, मामले में कई लोगों की भूमिका की जांच की जानी चाहिए। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की कि संबंधित शिकायतों, उपलब्ध दस्तावेजों, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए।
पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल, परिवार की सुरक्षा की मांग
राजकुमार शर्मा ने प्रेस क्लब कुम्हारी में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि उन्होंने पहले भी संबंधित अधिकारियों के समक्ष अपनी शिकायत रखी थी। इसके बावजूद उनके अनुसार विवाद का समाधान नहीं हो सका। उन्होंने आशंका जताई कि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं होने पर भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा हो सकती हैं।
उन्होंने पुलिस प्रशासन से पूरे मामले को गंभीरता से लेने, संबंधित पक्षों से पूछताछ करने और तथ्यों के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही उन्होंने अपने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।
निष्पक्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति
जमीन के दस्तावेजों को लेकर शुरू हुआ विवाद अब कथित धमकी, मारपीट और प्रताड़ना के आरोपों तक पहुंच गया है। प्रेस क्लब कुम्हारी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से शिकायतकर्ता ने अपना पक्ष सार्वजनिक करते हुए प्रशासन का ध्यान इस मामले की ओर आकर्षित किया है।
हालांकि, इस मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। संबंधित पक्षों का पक्ष, पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया और जांच में सामने आने वाले तथ्य महत्वपूर्ण होंगे। निष्पक्ष जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



