AI के दौर में पत्रकारिता की नई चुनौतियां और अवसर: प्रेस क्लब ऑफ कुम्हारी की कार्यशाला में विश्वसनीयता व नैतिकता पर जोर
मनोज सिंह बघेल और देवेश तिवारी ने पत्रकारों एवं विद्यार्थियों को AI के जिम्मेदार उपयोग की दी जानकारी, कहा—तकनीक के साथ तथ्य-जांच और मानवीय विवेक जरूरी
राकेश कुमार की रिपोर्ट
कुम्हारी। बदलते डिजिटल दौर में पत्रकारिता के स्वरूप, कार्यशैली और चुनौतियों में तेजी से बदलाव हो रहा है। इसी विषय को केंद्र में रखते हुए प्रेस क्लब ऑफ कुम्हारी के तत्वावधान में बुधवार को वार्ड क्रमांक 14 स्थित प्रेस क्लब सभागार में “AI और आधुनिक पत्रकारिता—विश्वसनीयता, अवसर, चुनौतियां और बदलती भूमिका” विषय पर एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में पत्रकारों, महाविद्यालयीन छात्र-छात्राओं सहित बड़ी संख्या में नगरवासियों ने हिस्सा लिया।
कार्यशाला का उद्देश्य पत्रकारिता के क्षेत्र में तेजी से बढ़ते डिजिटल मीडिया, सोशल मीडिया और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के प्रभाव को समझना तथा इसके निष्पक्ष, जिम्मेदार और जनहितकारी उपयोग को लेकर पत्रकारों एवं युवाओं को जागरूक करना रहा।
दीप प्रज्वलन के साथ हुआ कार्यशाला का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती मीना वर्मा सहित अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। इसके बाद आधुनिक पत्रकारिता और AI से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विषय विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे।
कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में न्यूज 24 एवं लल्लूराम डॉट कॉम के एडिटोरियल डायरेक्टर मनोज सिंह बघेल तथा सीजी बॉक्स न्यूज पोर्टल के संचालक देवेश तिवारी उपस्थित रहे। दोनों वक्ताओं ने पत्रकारिता में AI के बढ़ते प्रभाव, डिजिटल मीडिया की भूमिका, सोशल मीडिया से मिलने वाली सूचनाओं की विश्वसनीयता तथा तकनीक के जिम्मेदार इस्तेमाल पर विस्तार से प्रकाश डाला।
AI ने बढ़ाई पत्रकारिता की गति, लेकिन मानवीय विवेक का विकल्प नहीं
वक्ताओं ने कहा कि AI और डिजिटल तकनीक ने समाचार संकलन, डेटा विश्लेषण, भाषा-संपादन और कंटेंट तैयार करने की प्रक्रिया को काफी तेज और सुविधाजनक बनाया है। इसके बावजूद पत्रकारिता की मूल आत्मा तथ्य, सत्यता, विश्वसनीय स्रोत और निष्पक्षता ही है।
उन्होंने विशेष रूप से कहा कि AI से प्राप्त किसी भी सूचना को प्रकाशित करने से पहले उसकी तथ्य-जांच और स्रोतों का सत्यापन आवश्यक है। तकनीक पत्रकार के काम को आसान बना सकती है, लेकिन अंतिम निर्णय में पत्रकार का मानवीय विवेक, पेशेवर जिम्मेदारी और पत्रकारिता की नैतिकता महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
वक्ताओं ने गोपनीयता, कॉपीराइट, फेक न्यूज, भ्रामक डिजिटल कंटेंट और AI से तैयार गलत अथवा भ्रामक सूचनाओं जैसी चुनौतियों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि तकनीक का उपयोग जनहित, पारदर्शिता और निष्पक्ष पत्रकारिता को मजबूत करने के उद्देश्य से किया जाना चाहिए।
अतिथियों का शॉल-श्रीफल एवं प्रतीक चिन्ह से सम्मान
कार्यशाला के समापन अवसर पर अतिथियों का शॉल, श्रीफल एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। वहीं कार्यशाला में शामिल प्रतिभागियों को वक्ताओं द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।
इस अवसर पर प्रेस क्लब ऑफ कुम्हारी के अध्यक्ष विक्रम शाह ठाकुर एवं क्लब के समस्त पत्रकारों ने अतिथियों, वक्ताओं और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
वरिष्ठ पत्रकारों के साथ युवा पत्रकारों और विद्यार्थियों की रही सहभागिता
कार्यक्रम में प्रेस क्लब कुम्हारी के संरक्षक डॉ. मोहन आनंद वाधवानी, रविन्द्र थापा, अनुज शुक्ला, अजय यादव, राकेश सोनकर, दिनेश राजपूत, ध्रुव कुमार नायक, शैलेन्द्र साहू, ऋषि साहू, शैलेन्द्र खरे, राजेन्द्र शाह सहित क्षेत्र के अनेक वरिष्ठ एवं युवा पत्रकार उपस्थित रहे। इसके अलावा महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं तथा बड़ी संख्या में नगरवासियों ने भी कार्यशाला में सहभागिता की।
कार्यशाला ने पत्रकारिता के क्षेत्र में तकनीक के बढ़ते प्रभाव के बीच विश्वसनीयता, तथ्य-जांच, नैतिकता और मानवीय संवेदनशीलता के महत्व को रेखांकित किया। कार्यक्रम में इस बात पर जोर रहा कि आधुनिक तकनीक को पत्रकारिता का विकल्प नहीं, बल्कि जिम्मेदार और जनहितकारी पत्रकारिता को मजबूत करने वाले साधन के रूप में इस्तेमाल किया जाना चाहिए।



