चरोदा की पुरानी दादर रोड को मिली नई राह, 50 लाख की लागत से होगा कायाकल्प

 चरोदा की पुरानी दादर रोड को मिली नई राह, 50 लाख की लागत से होगा कायाकल्प

सांसद विजय बघेल की पहल से रेलवे की NOC का रास्ता साफ, भूमिपूजन के बाद शुरू होगा सड़क निर्माण; चुनाव से पहले विकास कार्य को लेकर सियासी संदेश भी हुआ मजबूत

चरोदा। लंबे समय से बदहाल और जर्जर हालत में पड़ी चरोदा की बहुप्रतीक्षित पुरानी दादर रोड के नवनिर्माण का रास्ता आखिरकार साफ हो गया है। करीब 50 लाख रुपये की लागत से सड़क निर्माण एवं डामरीकरण कार्य का विधिविधान से भूमिपूजन किया गया। इस अवसर पर दुर्ग सांसद विजय बघेल मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

भूमिपूजन कार्यक्रम में नगर निगम भिलाई-चरोदा के महापौर निर्मल कोसरे, सभापति कृष्णा चंद्राकर, निगम आयुक्त डीएस राजपूत, वार्ड पार्षदों, जनप्रतिनिधियों, भाजपा पदाधिकारियों-कार्यकर्ताओं तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने हिस्सा लिया।

लंबे इंतजार के बाद सड़क निर्माण का रास्ता साफ

पुरानी दादर रोड लंबे समय से जर्जर स्थिति में थी। सड़क की खराब हालत के चलते स्थानीय रहवासियों, वाहन चालकों और आसपास की कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

सड़क के निर्माण में सबसे बड़ी अड़चन रेलवे क्षेत्र से संबंधित अनुमति को लेकर थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार रेलवे प्रशासन से आवश्यक NOC मिलने के बाद अब इसी पुरानी सड़क के नवनिर्माण का रास्ता साफ हुआ है।

करीब 50 लाख रुपये की लागत से सड़क का निर्माण एवं डामरीकरण होने के बाद क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। इसका लाभ चरोदा, दादर रोड, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी सहित आसपास के इलाकों के रहवासियों को मिलने की संभावना है।

विजय बघेल की पहल का स्थानीय स्तर पर दिखा असर

कार्यक्रम में सांसद विजय बघेल ने सड़क निर्माण को क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही आवश्यकता से जोड़ते हुए रेलवे से संबंधित अनुमति के लिए किए गए प्रयासों और विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की बात रखी।

राजनीतिक रूप से देखा जाए तो सड़क का यह भूमिपूजन ऐसे समय हुआ है, जब भिलाई-चरोदा नगर निगम में आगामी नगरीय निकाय चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। राज्य में नगरीय निकाय चुनावों की तैयारियां आगे बढ़ रही हैं और भिलाई-चरोदा के 40 वार्डों का आरक्षण 9 सितंबर को किया जा चुका है।

ऐसे में लंबे समय से लंबित सड़क निर्माण जैसे स्थानीय मुद्दे स्वाभाविक रूप से चुनावी चर्चा का हिस्सा बन सकते हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों और नागरिक सुविधाओं को लेकर अपनी-अपनी भूमिका जनता के सामने रखने की तैयारी में हैं।

सांसद विजय बघेल का संदेश: विकास कार्यों को प्राथमिकता

कार्यक्रम में सांसद विजय बघेल की ओर से यह संदेश प्रमुखता से सामने आया कि क्षेत्र की मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाना चाहिए। सड़क निर्माण को उन्होंने लंबे समय से चली आ रही स्थानीय आवश्यकता से जोड़ते हुए संबंधित स्तर पर प्रयासों के जरिए काम को मंजूरी और गति मिलने की बात कही।

उनकी राजनीतिक रणनीति के लिहाज से यह कार्य क्षेत्र में केंद्र और रेलवे स्तर पर समन्वय तथा स्थानीय विकास के मुद्दे को जनता के बीच रखने का अवसर भी माना जा रहा है।

महापौर निर्मल कोसरे: निगम क्षेत्र की जरूरतों के अनुसार विकास कार्य

कांग्रेस के महापौर निर्मल कोसरे ने सड़क निर्माण को चरोदा क्षेत्र के नागरिकों की लंबे समय से चली आ रही मांग से जोड़ते हुए निगम क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया।

महापौर की ओर से यह रेखांकित किया गया कि शहर में सड़क, नाली, सफाई, प्रकाश व्यवस्था और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाना जरूरी है। पुरानी दादर रोड का निर्माण भी इसी क्रम में स्थानीय नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण सुविधा के रूप में देखा जा रहा है।

सभापति कृष्णा चंद्राकर: जनता की मांग को विकास कार्य से जोड़ने पर जोर

कांग्रेस के निगम सभापति कृष्णा चंद्राकर ने भी सड़क निर्माण को क्षेत्रवासियों की पुरानी मांग से जोड़ते हुए इसे स्थानीय स्तर पर महत्वपूर्ण कार्य बताया। उनके मुताबिक जर्जर सड़क के कारण नागरिकों को लंबे समय से परेशानी हो रही थी और सड़क बनने के बाद आवागमन की सुविधा में सुधार आएगा।

सभापति की भूमिका से देखा जाए तो यह कार्य निगम की विकास योजनाओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के स्तर पर उठाई जा रही नागरिक समस्याओं के समाधान से जुड़ा हुआ है।

एक ही मंच पर भाजपा सांसद और कांग्रेस के निगम पदाधिकारी

इस भूमिपूजन कार्यक्रम की एक खास राजनीतिक तस्वीर भी सामने आई। कार्यक्रम में भाजपा के सांसद विजय बघेल के साथ कांग्रेस के महापौर निर्मल कोसरे और सभापति कृष्णा चंद्राकर की मौजूदगी रही।

आगामी नगरीय निकाय चुनाव के मद्देनजर यह तस्वीर इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा सकती है, क्योंकि स्थानीय विकास कार्यों को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों के जनप्रतिनिधि अपने-अपने स्तर पर जनता के सामने सक्रिय नजर आ रहे हैं।

हालांकि सड़क निर्माण का श्रेय किस स्तर पर जाता है, यह राजनीतिक रूप से अलग-अलग दलों द्वारा अपने-अपने दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया जा सकता है। लेकिन स्थानीय नागरिकों के लिए फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि लंबे समय से खराब पड़ी सड़क के नवनिर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ी है।

चुनाव से पहले विकास कार्य बना स्थानीय राजनीति का प्रमुख मुद्दा

भिलाई-चरोदा नगर निगम का मौजूदा कार्यकाल दिसंबर 2026 में समाप्त होना है और नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियां जारी हैं। चुनाव कार्यक्रम की औपचारिक घोषणा अलग विषय है, लेकिन वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्थानीय राजनीतिक गतिविधियां तेज हो चुकी हैं।

ऐसे में सड़क, पानी, नाली, सफाई, स्ट्रीट लाइट और आवागमन जैसे सीधे जनता से जुड़े मुद्दे चुनावी चर्चा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। पुरानी दादर रोड का निर्माण भी इसी स्थानीय विकास के एजेंडे का हिस्सा बनता दिखाई दे रहा है।

हजारों लोगों को मिलेगी राहत की उम्मीद

भूमिपूजन के बाद अब स्थानीय नागरिकों को उम्मीद है कि सड़क का निर्माण कार्य जल्द शुरू होकर निर्धारित समय में पूरा होगा। सड़क बनने से दादर रोड क्षेत्र के साथ-साथ हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी और आसपास के रहवासियों को आवागमन में राहत मिलने की संभावना है।

स्थानीय लोगों ने लंबे इंतजार के बाद सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू होने पर संतोष जताया है। नागरिकों का कहना है कि जर्जर सड़क के कारण रोजमर्रा के आवागमन में काफी दिक्कत होती थी और अब सड़क का व्यवस्थित निर्माण होने से क्षेत्र की सुविधा और कनेक्टिविटी दोनों में सुधार आएगा।

भूमिपूजन के साथ पुरानी दादर रोड के कायाकल्प की उम्मीद जगी है। अब स्थानीय लोगों की नजर इस बात पर है कि निर्माण कार्य कब शुरू होता है और 50 लाख रुपये की लागत से बनने वाली यह सड़क कितनी जल्दी जनता को समर्पित की जाती है।