बड़े बैंक खातों की जानकारी लेकर निवेश का जाल! 10% मासिक मुनाफे का झांसा देने वाला HDFC बैंक का रिलेशनशिप मैनेजर गिरफ्तार
भिलाई। निवेश पर हर महीने 10 प्रतिशत लाभांश देने का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपये की रकम जुटाने वाले कथित निवेश गिरोह के मामले में सुपेला पुलिस ने HDFC बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर राजकुमार तिवारी (37) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी अपने बैंकिंग पद का कथित रूप से दुरुपयोग कर बड़े रकम वाले खाताधारकों की जानकारी हासिल करता था और बाद में उन्हें गोल्ड ईटीवी में निवेश कर अधिक मुनाफा कमाने का लालच दिया जाता था।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना सुपेला में दर्ज अपराध क्रमांक 961/2026, धारा 318(2), 318(4), 61(2), 111(4) बीएनएस के तहत कार्रवाई करते हुए उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
15 लाख रुपये निवेश के बाद बंद हुआ लाभांश
मामले की शुरुआत सेक्टर-07 भिलाई निवासी राजू नामदेव की शिकायत से हुई। शिकायत के अनुसार आरोपी योगेश साहू एवं अन्य लोगों ने निवेश पर प्रतिमाह 10 प्रतिशत लाभांश देने का भरोसा दिलाया। निवेश योजना को विश्वसनीय बताने के लिए अन्य ग्राहकों के बैंक खातों के स्टेटमेंट भी दिखाए गए।
आरोपियों की बातों पर विश्वास कर प्रार्थी ने 21 मार्च 2025 को 15 लाख रुपये उनके बताए बैंक खाते में ट्रांसफर किए। शुरुआती दौर में उसके खाते में लाभांश की रकम भेजी गई, जिससे उसका भरोसा और मजबूत हुआ। हालांकि कुछ समय बाद लाभांश मिलना बंद हो गया। रकम वापस मांगने पर आरोपियों द्वारा लगातार आश्वासन दिया जाता रहा।
बाद में प्रार्थी को पता चला कि इसी तरीके से अन्य निवेशकों से भी बड़ी रकम ली गई है। इसके बाद उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
जांच में सामने आई रिलेशनशिप मैनेजर की भूमिका
शिकायत मिलने के बाद सुपेला पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान प्रार्थी सहित अन्य निवेशकों के बयान लिए गए और बैंक खातों, लेन-देन तथा लाभांश भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की जांच की गई।
पुलिस के अनुसार मोहम्मद रफी, साधना मिश्रा, शिबा शेख सहित अन्य निवेशकों के कथनों और उपलब्ध दस्तावेजों के परीक्षण के दौरान राजकुमार तिवारी की भूमिका सामने आई।
जांच में पुलिस को ऐसे साक्ष्य मिले, जिनके आधार पर आरोप है कि राजकुमार तिवारी HDFC बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर के पद पर रहते हुए बड़े रकम वाले खाताधारकों की जानकारी प्राप्त करता था। इसके बाद इन खाताधारकों को गोल्ड ईटीवी में निवेश और हर महीने 10 प्रतिशत लाभांश का लालच दिया जाता था।
चेक लेकर मुख्य आरोपी के खाते में जमा करता था रकम
पुलिस के मुताबिक आरोपी निवेशकों से चेक प्राप्त करता था और रकम मुख्य आरोपी योगेश साहू के बैंक खाते में जमा कराता था। निवेशकों का भरोसा बनाए रखने के लिए शुरुआती अवधि में लाभांश की रकम कथित तौर पर राजकुमार तिवारी के खाते से भी दी जाती थी।
पुलिस का मानना है कि शुरुआती लाभांश भुगतान के जरिए निवेशकों में विश्वास कायम किया जाता था और इसके बाद उनसे बड़ी रकम निवेश के नाम पर हासिल की जाती थी।
कई निवेशकों के बयान और बैंक रिकॉर्ड बने अहम साक्ष्य
विवेचना के दौरान पुलिस ने निवेशकों के बयान दर्ज करने के साथ बैंक खातों और लेन-देन से संबंधित दस्तावेजों का परीक्षण किया। इन दस्तावेजों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर राजकुमार तिवारी की कथित संलिप्तता सामने आने के बाद उसे प्रकरण में आरोपी बनाया गया।
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर गवाहों के समक्ष मेमोरण्डम कथन की कार्रवाई की। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
ऐसे चलता था निवेश ठगी का कथित नेटवर्क
पुलिस के अनुसार इस मामले में आरोपियों का तरीका कुछ इस प्रकार था—
- बैंक में बड़े रकम वाले खाताधारकों की जानकारी हासिल करना।
- ऐसे लोगों को गोल्ड ईटीवी में निवेश का प्रस्ताव देना।
- निवेश पर प्रतिमाह 10 प्रतिशत लाभांश देने का लालच देना।
- निवेशकों से चेक लेकर मुख्य आरोपी के खाते में रकम जमा करना।
- शुरुआत में लाभांश देकर निवेशकों का विश्वास जीतना।
- बड़ी रकम प्राप्त होने के बाद लाभांश देना बंद कर देना और रकम लौटाने का आश्वासन देते रहना।
आरोपी की पहचान
राजकुमार तिवारी, उम्र 37 वर्ष
निवासी— एलआईजी क्वार्टर नंबर 11/3, नेहरू नगर ईस्ट, भिलाई, थाना सुपेला, जिला दुर्ग।
दस्तावेजों और बैंक लेन-देन की जांच जारी
पुलिस के अनुसार विवेचना में निवेशकों द्वारा उपलब्ध कराए गए बैंक खातों, लेन-देन तथा लाभांश भुगतान से संबंधित दस्तावेजों एवं जानकारियों का परीक्षण किया गया है। मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका और वित्तीय लेन-देन से जुड़े तथ्यों की जांच सहित विधिसम्मत साक्ष्य संकलन की कार्रवाई जारी है।
इन पुलिसकर्मियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका
इस कार्रवाई में थाना सुपेला प्रभारी एस.एन. सिंह, उप निरीक्षक धनेश्वर साहू, आरक्षक कमल साहू एवं प्रदीप सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
दुर्ग पुलिस की आम लोगों से अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले संबंधित संस्था, योजना और उसके अधिकृत होने की स्वतंत्र रूप से जांच करें। असामान्य रूप से अधिक या निश्चित लाभ का वादा करने वाली योजनाओं में बिना सत्यापन के राशि जमा न करें।
पुलिस ने लोगों से कहा है कि यदि कोई व्यक्ति संदिग्ध निवेश प्रस्ताव देता है, किसी बैंक खाते में रकम जमा करने के लिए दबाव बनाता है या असामान्य लाभ का लालच देता है, तो इसकी जानकारी तत्काल पुलिस को दें।



