दुर्ग में सीरियल चोरों का भंडाफोड़: 8 सूने मकानों में चोरी करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, 32 लाख का माल और तीन वाहन बरामद
दुर्ग। जिले में लगातार हो रही सूने मकानों की चोरी की वारदातों का दुर्ग पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और निशानदेही पर लगभग 32 लाख रुपये मूल्य का चोरी का माल, सोने-चांदी के आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक सामान तथा चोरी में प्रयुक्त तीन वाहन बरामद किए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी पहले मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) के रूप में कार्य करता था और कर्ज के दबाव में आकर उसने चोरी की वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया।
पुलिस के अनुसार थाना मोहन नगर एवं थाना पद्मनाभपुर क्षेत्र में पिछले कुछ समय से लगातार सूने मकानों को निशाना बनाकर चोरी की घटनाएं हो रही थीं। इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए दुर्ग पुलिस ने विशेष अभियान चलाया। कई दिनों तक रात्रिकालीन पेट्रोलिंग, सघन नाकेबंदी, सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण, तकनीकी निगरानी और मुखबिर तंत्र की मदद से संदिग्धों पर नजर रखी गई।
संदिग्ध कार ने खोला पूरा राज
10 जुलाई 2026 की रात पुलिस टीम पेट्रोलिंग और नाकेबंदी में लगी हुई थी। इसी दौरान एक सफेद रंग की इंडिगो कार संदिग्ध हालत में दिखाई दी। पुलिस द्वारा वाहन रोकने का संकेत दिए जाने पर चालक भागने का प्रयास करने लगा, लेकिन घेराबंदी कर वाहन को रोक लिया गया।
कार की तलाशी में दो एलईडी टीवी, एक डीवीआर, सब्बल, पेचकस और अन्य औजार बरामद हुए। पूछताछ में पहले आरोपी पुलिस को गुमराह करते रहे, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों और कड़ी पूछताछ के बाद उन्होंने चोरी की कई वारदातों में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।
कर्ज के दबाव में बना सीरियल चोर
मुख्य आरोपी अनुराग मिश्रा ने पूछताछ में बताया कि वह वर्ष 2011 से मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के रूप में कार्य कर रहा था और हर महीने 60 से 70 हजार रुपये तक की आय अर्जित करता था। बाद में उसने विभिन्न ऑनलाइन लोन एप्लीकेशनों से ऋण लिया। बढ़ते ब्याज और आर्थिक दबाव के कारण वह कर्ज के जाल में फंस गया। पुलिस के अनुसार आरोपी ने आर्थिक संकट से उबरने के लिए योजनाबद्ध तरीके से सूने मकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया।
पहले रेकी, फिर रात में वारदात
जांच में सामने आया कि आरोपी दिन में कॉलोनियों और आवासीय क्षेत्रों की रेकी करता था। जब यह सुनिश्चित हो जाता कि मकान में कोई नहीं है, तब रात के समय सब्बल और अन्य उपकरणों की मदद से घर में घुसकर सोने-चांदी के आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक सामान और कीमती वस्तुएं चोरी कर लेता था।
फाइनेंस कंपनियों में गिरवी रखे थे जेवर
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि चोरी किए गए अधिकांश सोने के आभूषणों को आरोपियों ने विभिन्न फाइनेंस कंपनियों में गिरवी रखकर उसके एवज में ऋण प्राप्त किया था। पुलिस ने वैधानिक प्रक्रिया पूरी करते हुए पावर हाउस स्थित मुथूट फाइनेंस, आईआईएफएल फाइनेंस, बजाज गोल्ड फाइनेंस तथा कुम्हारी स्थित मुथूट फाइनेंस से गिरवी रखे गए आभूषण भी बरामद कर लिए हैं।
पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि चोरी से प्राप्त राशि का कुछ हिस्सा आरोपी ने निवेश किया, जबकि कुछ रकम अपने साथी तुषार मिश्रा के बैंक खाते में भी ट्रांसफर की गई थी।
आठ चोरी के मामलों का खुलासा
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने मोहन नगर और पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र में दर्ज आठ संपत्ति संबंधी अपराधों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। इनमें साकेत कॉलोनी, मधुबन नगर, विराट नगर, सुंदर नगर, जगदीश विहार धनोरा सहित विभिन्न क्षेत्रों में हुई चोरी और चोरी के प्रयास की घटनाएं शामिल हैं।
गिरफ्तार आरोपी
1. अनुराग मिश्रा (41 वर्ष)
निवासी – हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, जामुल
(मुख्य आरोपी)
2. तुषार मिश्रा (40 वर्ष)
निवासी – कैलाश नगर, भिलाई
(चोरी की रकम उसके खाते में ट्रांसफर होने की जानकारी)
बरामद सामग्री
- लगभग 168 ग्राम सोने के आभूषण, कीमत करीब 25 लाख रुपये
- लगभग 150 ग्राम चांदी के आभूषण
- 02 एलईडी टीवी
- 01 डीवीआर
- चोरी में प्रयुक्त सब्बल, पेचकस एवं अन्य औजार
- 01 इंडिगो कार
- 01 फोर्ड इकोस्पोर्ट
- 01 एक्सेस स्कूटी
कुल बरामद मशरूका की अनुमानित कीमत लगभग 32 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस बड़ी कार्रवाई में थाना मोहन नगर एवं थाना पद्मनाभपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। थाना प्रभारी प्रमोद रुशिया, उप निरीक्षक मनोज बाजपेयी सहित पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने लगातार फील्ड वर्क, तकनीकी जांच और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों तक पहुंच बनाई।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि वे अपना मकान कुछ दिनों के लिए सूना छोड़कर बाहर जा रहे हैं तो इसकी जानकारी स्थानीय पुलिस अथवा विश्वसनीय पड़ोसियों को अवश्य दें। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, वाहन या गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की भी अपील की गई है। पुलिस ने कहा है कि संपत्ति संबंधी अपराधों की रोकथाम और अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

