स्व. पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई के निवास पहुंचे पूर्व केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते, परिजनों से मिलकर दी श्रद्धांजलि और जताई शोक संवेदना

 स्व. पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई के निवास पहुंचे पूर्व केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते, परिजनों से मिलकर दी श्रद्धांजलि और जताई शोक संवेदना

14 जुलाई को होने वाले दशगात्र एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम की तैयारियों का लिया जायजा, भाजपा पदाधिकारी व प्रशासनिक अधिकारी भी रहे मौजूद

भिलाई/दुर्ग। मंडला (मध्यप्रदेश) के सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता फग्गन सिंह कुलस्ते रविवार को छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति की अमर पहचान, पद्म विभूषण से सम्मानित प्रख्यात पंडवाणी गायिका स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई के गृहग्राम स्थित निवास पहुंचे। उन्होंने स्व. तीजन बाई के परिजनों से मुलाकात कर गहरी शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं और इस दुख की घड़ी में परिवार को सांत्वना देते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

इस दौरान श्री कुलस्ते ने स्व. डॉ. तीजन बाई के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि डॉ. तीजन बाई ने अपनी अद्वितीय पंडवाणी शैली, सशक्त प्रस्तुति और लोककला के प्रति समर्पण से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया में नई पहचान दिलाई। उनका निधन केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे देश की कला एवं संस्कृति जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।भेंट के दौरान 14 जुलाई को आयोजित होने वाले दशगात्र एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम की तैयारियों और व्यवस्थाओं को लेकर भी परिवारजनों एवं स्थानीय जिम्मेदार लोगों के साथ विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम को गरिमामय, सुव्यवस्थित एवं श्रद्धापूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।

इस अवसर पर भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य (एनजीओ प्रकोष्ठ) तरुण परगनिहा, भाजपा जिला प्रवक्ता प्रेमलाल साहू, स्थानीय जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी तथा जिला प्रशासन के अधिकारी भी उपस्थित रहे। सभी ने स्व. डॉ. तीजन बाई के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके कला-साधना से भरे जीवन को स्मरण करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

स्व. डॉ. तीजन बाई ने पंडवाणी लोकगायन को वैश्विक मंच तक पहुंचाकर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनके योगदान को देश सदैव सम्मान और गर्व के साथ याद रखेगा।