डूमर हत्याकांड का 6 घंटे में खुलासा: शराब पार्टी में विवाद के बाद युवक की हत्या, दो आरोपी गिरफ्तार, लेकिन बढ़ती नशाखोरी: समाज के लिए गंभीर चुनौती
भिलाई/दुर्ग। दुर्ग जिले के नंदिनी नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम डूमर में मिले अज्ञात युवक के हत्या प्रकरण का पुलिस ने महज 6 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए हत्या में प्रयुक्त सब्बल और आरोपी के कपड़े भी बरामद कर लिए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि शराब पीने के दौरान हुए विवाद ने खूनी रूप ले लिया और एक 18 वर्षीय युवक की जान चली गई।
पानी टंकी के पास मिला था युवक का शव
शुक्रवार 26 जून 2026 को ग्राम डूमर के कोटवार द्वारा सूचना दी गई कि गांव की पानी टंकी के पास सिंटेक्स रखने वाले चबूतरे पर एक युवक मृत अवस्था में पड़ा है। उसके सिर पर गंभीर चोटों के निशान थे। सूचना मिलते ही नंदिनी नगर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
शुरुआत में मृतक की पहचान नहीं हो सकी, लेकिन शरीर पर बने गोदना और अन्य साक्ष्यों के आधार पर उसकी पहचान चेतन ठाकुर (18 वर्ष), निवासी ग्राम पथरिया के रूप में हुई।
तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर सूचना से सुलझी गुत्थी
घटनास्थल की जांच, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए हत्या की गुत्थी सुलझा ली। जांच में पता चला कि घटना की रात मृतक चेतन ठाकुर, सोमनाथ उर्फ लालू यादव और राहुल कुर्रे एक साथ बैठकर शराब पी रहे थे।
इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद मुख्य आरोपी सोमनाथ उर्फ लालू यादव (22 वर्ष) ने सब्बल से चेतन ठाकुर के सिर पर लगातार वार कर उसकी हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने के उद्देश्य से सब्बल और अपने पहने हुए कपड़ों को पास के तालाब में फेंक दिया।
एसडीआरएफ की मदद से बरामद हुए सबूत
पुलिस पूछताछ में आरोपियों द्वारा अपराध स्वीकार करने के बाद मुख्य आरोपी की निशानदेही पर एसडीआरएफ टीम की सहायता से तालाब में खोजबीन की गई। इस दौरान हत्या में प्रयुक्त सब्बल और घटना के समय पहने गए कपड़े बरामद कर जप्त किए गए।
पुलिस ने मामले में सोमनाथ उर्फ लालू यादव और राहुल कुर्रे, दोनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है।
गिरफ्तार आरोपी
- सोमनाथ उर्फ लालू यादव (22 वर्ष), निवासी ग्राम डूमर
- राहुल कुर्रे (22 वर्ष), निवासी ग्राम डूमर
जप्त सामग्री
- हत्या में प्रयुक्त सब्बल
- आरोपी के पहने हुए कपड़े
बढ़ती नशाखोरी: समाज के लिए गंभीर चुनौती
डूमर हत्याकांड एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि प्रदेश में बढ़ती नशाखोरी किस तरह युवाओं को अपराध की ओर धकेल रही है। अधिकांश हत्या, मारपीट और सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में शराब या अन्य नशे का प्रभाव सामने आता है। सामाजिक संगठनों और नागरिकों का मानना है कि केवल पुलिस कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि नशे की उपलब्धता पर प्रभावी नियंत्रण, जनजागरूकता अभियान और युवाओं के लिए सकारात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देना भी उतना ही आवश्यक है।
विशेषज्ञों के अनुसार नशा केवल व्यक्ति को नहीं बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। ऐसे मामलों से यह स्पष्ट होता है कि मामूली विवाद भी नशे की हालत में गंभीर अपराध का रूप ले सकते हैं।
सरकार और प्रशासन के सामने चुनौती
प्रदेश में समय-समय पर नशे के विरुद्ध अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर शराब और अन्य नशीले पदार्थों की आसान उपलब्धता को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि सरकार और प्रशासन नशा मुक्ति अभियान, काउंसलिंग केंद्रों, युवाओं के लिए खेल एवं रोजगार के अवसरों तथा अवैध नशे के कारोबार पर कठोर कार्रवाई को प्राथमिकता दें, तो ऐसे अपराधों में कमी लाई जा सकती है।
यह घटना केवल एक हत्या का मामला नहीं, बल्कि समाज के सामने खड़ी उस गंभीर समस्या का संकेत है, जिसमें नशा युवाओं के भविष्य और सामाजिक सुरक्षा दोनों के लिए खतरा बनता जा रहा है। ऐसे में कानून-व्यवस्था के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता और नशा मुक्ति की दिशा में व्यापक प्रयास समय की मांग हैं।

