त्याग, तपस्या और सेवा की प्रतीक मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती को श्रद्धांजलि, ब्रह्माकुमारी परिवार ने आयोजित किया पत्रकार स्नेह मिलन समारोह
स्थानीय पत्रकारों का सम्मान, आध्यात्मिक मूल्यों और सकारात्मक पत्रकारिता का दिया संदेश
कुम्हारी। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, कुम्हारी द्वारा मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती की पुण्यतिथि श्रद्धा, सम्मान और आध्यात्मिक भावनाओं के साथ मनाई गई। इस अवसर पर उनकी पावन स्मृति में पत्रकार स्नेह मिलन समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें ब्रह्माकुमारी परिवार के भाई-बहनों, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं गणमान्य नागरिकों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। उपस्थितजनों ने उनके जीवन, त्याग, तपस्या, सेवा और आध्यात्मिक योगदान को स्मरण करते हुए भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर ईशा बहन ने अपने संबोधन में कहा कि मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती ने अपने संपूर्ण जीवन को मानवता की सेवा, श्रेष्ठ संस्कारों के संवर्धन और आध्यात्मिक जागृति के लिए समर्पित किया। उनके द्वारा दिए गए मूल्य और शिक्षाएं आज भी समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान कर रही हैं तथा लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई हैं।
कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित पत्रकार स्नेह मिलन समारोह में क्षेत्र के पत्रकारों का सम्मान किया गया। ब्रह्माकुमारी संस्था के पदाधिकारियों ने पत्रकारों की भूमिका को लोकतंत्र और समाज की सशक्त आवाज बताते हुए कहा कि निष्पक्ष एवं सकारात्मक पत्रकारिता समाज में जागरूकता, सद्भाव और नैतिक मूल्यों के प्रसार का महत्वपूर्ण माध्यम है।
उन्होंने कहा कि मीडिया केवल सूचना का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को सही दिशा देने और जनमानस में सकारात्मक सोच विकसित करने की प्रभावी शक्ति भी है। संस्था द्वारा पत्रकारों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उनके सामाजिक योगदान की सराहना की गई।
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय से जुड़े भाई-बहनों, संस्था पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी ने मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा सेवा, सद्भाव और आध्यात्मिक मूल्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती की पुण्यतिथि पर आयोजित यह समारोह श्रद्धा, आध्यात्मिकता, सामाजिक समरसता और सकारात्मक चिंतन का प्रेरणादायी संगम साबित हुआ, जिसने उपस्थित सभी लोगों के हृदय में सेवा और संस्कारों के प्रति नई ऊर्जा का संचार किया।

