बुद्ध पूर्णिमा पर भिलाई-3 ओशो आश्रम में ध्यान और सत्संग का दिव्य संगम, साधकों ने लिया आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव
भिलाई-3 स्थित ओशो आश्रम में शुक्रवार को बुद्ध पूर्णिमा महोत्सव के पावन अवसर पर एक दिवसीय ध्यान एवं सत्संग का भव्य आयोजन किया गया। इस आध्यात्मिक कार्यक्रम में ओशो शिष्य कृष्ण चैतन्य (नगपुरा वाले) के सानिध्य में साधकों ने ध्यान, आत्मचिंतन और आंतरिक शांति का गहन अनुभव प्राप्त किया।
यह आयोजन न केवल एक धार्मिक कार्यक्रम था, बल्कि आत्मिक जागरण और ऊर्जा के संचार का भी महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित साधकों ने गहन ध्यान की विभिन्न विधियों का अभ्यास किया और सत्संग के माध्यम से जीवन के गूढ़ आध्यात्मिक पहलुओं को समझने का प्रयास किया।
ध्यान और सत्संग से मिला आत्मिक सुकून
करीब एक दर्जन से अधिक साधकों ने इस विशेष आयोजन में भाग लेकर बुद्ध पूर्णिमा का पर्व मनाया। वातावरण पूरी तरह से शांत, सकारात्मक और ऊर्जा से परिपूर्ण रहा, जहां हर सहभागी ने अपने भीतर झांकने और मन की स्थिरता को महसूस करने का प्रयास किया।
कृष्ण चैतन्य ने अपने प्रवचनों में ध्यान की महत्ता को बताते हुए कहा कि आज के व्यस्त जीवन में ध्यान ही वह माध्यम है, जो व्यक्ति को मानसिक शांति और आत्मिक संतुलन प्रदान करता है।
सेवा और समर्पण की मिसाल
इस एक दिवसीय ध्यान शिविर में शामिल साधकों के लिए भोजन व्यवस्था स्वामी बोधी अरुपम (नेमी चंद जैन, भिलाई-3) द्वारा की गई। यह सेवा भाव आयोजन की गरिमा को और बढ़ाने वाला रहा।
कार्यक्रम का सफल संचालन ओशो मित्र मंडल, भिलाई-दुर्ग द्वारा किया गया, जिनके प्रयासों से यह आयोजन सुव्यवस्थित और प्रभावशाली रूप से संपन्न हुआ।
आध्यात्मिक जागरूकता की दिशा में एक कदम
बुद्ध पूर्णिमा जैसे पावन अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा, बल्कि समाज में आध्यात्मिक जागरूकता और सकारात्मक ऊर्जा के प्रसार का माध्यम भी बना। ऐसे आयोजन लोगों को तनावमुक्त जीवन और आत्मिक संतुलन की दिशा में प्रेरित करते हैं।

