तेलगु समाज पर सीधा हमला! पार्षद अपर्णा दास गुप्ता पर जमीन को विवादित करने की साजिश का आरोप
भिलाई-3/ भिलाई-चरौदा नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत चरोदा स्थित होटल आनंद सागर में बुधवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेलगु समाज का गुस्सा खुलकर सामने आया। समाज के पदाधिकारियों ने वार्ड पार्षद अपर्णा दास गुप्ता पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह पूरा मामला प्रशासनिक नहीं, बल्कि तेलगु समाज को योजनाबद्ध तरीके से निशाना बनाने की साजिश है।
तेलगु समाज को जानबूझकर बनाया जा रहा है टार्गेट
तेलगु समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि पार्षद द्वारा समाज की
विधिवत रजिस्टर्ड भूमि को जबरन विवादित बनाने का प्रयास किया जा रहा है। यह कदम सीधे तौर पर तेलगु समाज के अधिकारों और सम्मान पर हमला है। “यह केवल जमीन का मामला नहीं, बल्कि पूरे तेलगु समाज की अस्मिता और स्वाभिमान से जुड़ा प्रश्न है।”
तालाब बनाने की जिद या समाज की जमीन पर कब्जे की कोशिश?
प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया गया कि जिस भूमि पर तेलगु समाज का भवन प्रस्तावित है, वहीं पार्षद द्वारा जबरन तालाब बनाने की जिद की जा रही है। समाज ने इसे अवैध दबाव और सामाजिक उत्पीड़न करार दिया।
कानूनी रजिस्ट्री के बावजूद विवाद क्यों?
तेलगु समाज ने दस्तावेजों के साथ स्पष्ट किया कि भूमि की रजिस्ट्री
शासन के नियमों के तहत विधिवत कराई गई है। इसके बावजूद विवाद खड़ा करना यह दर्शाता है कि मामला कानून का नहीं, बल्कि
दुर्भावना और हठधर्मिता का है।
चयनात्मक कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल
समाज ने सवाल उठाया कि उसी क्षेत्र के आसपास शासन की भूमि पर कई सामाजिक भवन, मंदिर और अन्य निर्माण मौजूद हैं, लेकिन उन पर कोई आपत्ति नहीं की गई। फिर सिर्फ तेलगु समाज के भवन का ही विरोध क्यों?
जनप्रतिनिधि का रवैया या समाज विरोधी मानसिकता?
तेलगु समाज का कहना है कि एक जनप्रतिनिधि से सभी समाजों को साथ लेकर चलने की अपेक्षा होती है, लेकिन यहां उल्टा तेलगु समाज को ही अपमानित और प्रताड़ित किया जा रहा है।
न्याय नहीं मिला तो संघर्ष तय
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में तेलगु समाज ने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई
सिर्फ एक भवन की नहीं, बल्कि न्याय, समानता और सम्मान की है। अब देखना होगा कि प्रशासन निष्पक्ष निर्णय लेकर समाज को न्याय दिलाता है या नहीं।

