अध्यात्म की अनूठी यात्रा: मनुष्य स्वयं को श्रेष्ठ मानने के
प्रश्न- यदि लोग सुख—दुख में प्रतिक्रिया करना छोड़ दें तो वे पशु या पेड़—पौधे जैसे तो नहीं हो जायेंगे?’ ओशो- पहली तो बात, तुमसे किसने कहा कि पशु और पेड़—पौधे तुमसे खराब हालत में हैं? तुमने ही उमनान ध्यलिया, पेड़—पौधों से भी तो पूछो! पशुओं से भी तो पूछो! थोड़ा पशुओं की आंख में भी […]Read More

