कुम्हारी में पंडाल-धरना से लेकर रैली तक पर लगेगा शुल्क, बिना अनुमति आयोजन हुआ तो माना जाएगा अवैध

 कुम्हारी में पंडाल-धरना से लेकर रैली तक पर लगेगा शुल्क, बिना अनुमति आयोजन हुआ तो माना जाएगा अवैध

नगर पालिका ने तत्काल प्रभाव से लागू की नई व्यवस्था, ₹2 प्रति वर्गफुट प्रतिदिन पंडाल शुल्क के साथ ₹10 हजार सुरक्षा राशि भी होगी जमा

राकेश कुमार की रिपोर्ट

कुम्हारी। नगर पालिका परिषद कुम्हारी ने सार्वजनिक खुले मैदानों, सड़कों, मार्गों और चौक-चौराहों पर होने वाले पंडाल, अस्थायी संरचना, धरना-प्रदर्शन, जुलूस, रैली एवं विभिन्न सामाजिक आयोजनों को लेकर नई व्यवस्था लागू कर दी है। अब ऐसे आयोजनों के लिए नगर पालिका से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा और इसके लिए निर्धारित शुल्क भी जमा करना पड़ेगा। नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।

पंडाल के लिए ₹2 प्रति वर्गफुट प्रतिदिन शुल्क

नगर पालिका द्वारा जारी आदेश के मुताबिक पंडाल अथवा किसी भी तरह की अस्थायी संरचना खड़ी करने के लिए ₹2 प्रति वर्गफुट प्रतिदिन शुल्क निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त आयोजन स्थल की स्वच्छता व्यवस्था के लिए ₹0.25 प्रति वर्गफुट प्रतिदिन की दर से अलग शुल्क लिया जाएगा।

यानी सार्वजनिक स्थल पर पंडाल लगाकर सामाजिक, धार्मिक या अन्य कार्यक्रम आयोजित करने वालों को अब आयोजन से पहले नगर पालिका से अनुमति लेने के साथ निर्धारित शुल्क भी जमा करना होगा।

₹10 हजार की सुरक्षा अमानत राशि

आयोजकों को शुल्क के अलावा ₹10 हजार की सुरक्षा अमानत राशि भी जमा करनी होगी। नगर पालिका के अनुसार यह राशि वापसी योग्य होगी। हालांकि आयोजन समाप्त होने के बाद स्थल की सफाई और व्यवस्था निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिलने पर सुरक्षा राशि में से आवश्यक कटौती की जा सकती है।

नगर पालिका ने आयोजनकर्ताओं को कार्यक्रम समाप्त होने के बाद स्थल को साफ-सुथरा करने और पूर्व स्थिति में लाने की जिम्मेदारी भी दी है।

बिना अनुमति आयोजन हुआ तो अवैध

नगर पालिका ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक स्थलों पर बिना पूर्व अनुमति के किया गया कोई भी आयोजन अवैध माना जाएगा। ऐसे में आयोजकों को कार्यक्रम की योजना बनाने से पहले नगर पालिका से अनुमति प्राप्त करनी होगी।

नई व्यवस्था के दायरे में पंडाल और अस्थायी संरचनाओं के अलावा धरना, प्रदर्शन, जुलूस, रैली तथा विभिन्न सामाजिक आयोजनों को भी शामिल किया गया है।

यातायात, नागरिक सुविधा और राजस्व का दिया हवाला

नगर पालिका ने नई शुल्क व्यवस्था लागू करने के पीछे नागरिकों की सुविधा, सार्वजनिक स्थलों के व्यवस्थित उपयोग, सुगम यातायात व्यवस्था और निकाय के राजस्व हित को प्रमुख आधार बताया है। आदेश में छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम, 1961 की धारा 223 तथा शासन के निर्देशों का हवाला दिया गया है।

नगर पालिका का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर होने वाले आयोजनों के कारण यातायात और स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित होती है। ऐसे में अनुमति और शुल्क की व्यवस्था से आयोजनों को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।

कलेक्टर सहित संबंधित अधिकारियों को भेजी गई आदेश की प्रति

मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा जारी आदेश की प्रतिलिपि कलेक्टर दुर्ग, नगरीय प्रशासन विभाग के क्षेत्रीय कार्यालय, नगर पालिका अध्यक्ष तथा संबंधित राजस्व अधिकारियों को भी भेजी गई है।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब कुम्हारी में सार्वजनिक स्थलों पर किसी भी तरह का आयोजन करने वाले आयोजकों को अनुमति, निर्धारित शुल्क और सुरक्षा राशि की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।