दुकान बिक्री के नाम पर 28 लाख रुपये की धोखाधड़ी, फर्जी NOC और हस्ताक्षर के मामले में आरोपी गिरफ्तार

 दुकान बिक्री के नाम पर 28 लाख रुपये की धोखाधड़ी, फर्जी NOC और हस्ताक्षर के मामले में आरोपी गिरफ्तार

चौहान प्लाजा की दुकान क्रमांक 110 और 111 के विक्रय में कूटरचित दस्तावेजों के इस्तेमाल का आरोप, सुपेला पुलिस ने संजय चौहान को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा

भिलाई, दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में फर्जी अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) और कूटरचित हस्ताक्षरों के आधार पर दुकान बेचकर 28 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में सुपेला पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपने भाई के नाम से कथित तौर पर फर्जी लेटरपैड तैयार कर अनापत्ति प्रमाण पत्र पर कूटरचित हस्ताक्षर किए और चौहान प्लाजा स्थित दुकान क्रमांक 110 एवं 111 का विक्रय कर प्रार्थी से नगद एवं बैंक माध्यम से कुल 28 लाख रुपये प्राप्त किए। आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

शिकायत की जांच में सामने आया फर्जी दस्तावेजों का मामला

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, प्रार्थी साजिद खान ने थाना सुपेला में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि संजय चौहान ने अपने भाई अजय चौहान के नाम से फर्जी लेटरपैड तैयार किया और अनापत्ति प्रमाण पत्र पर उनके कूटरचित हस्ताक्षर कर चौहान प्लाजा की दुकान क्रमांक 110 एवं 111 का विक्रय कर दिया।

प्रार्थी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने उपलब्ध दस्तावेजों और आवेदन की जांच शुरू की। जांच के दौरान संबंधित दुकानों के क्रय-विक्रय से जुड़े दस्तावेजों का परीक्षण किया गया, जिसमें दुकानों के विक्रय पर रोक लगाए जाने संबंधी न्यायालयीन आदेश का उल्लेख सामने आया।

दुकानों के विक्रय पर हाईकोर्ट की रोक का भी उल्लेख

पुलिस के अनुसार, जांच में यह तथ्य सामने आया कि संबंधित दुकानों के क्रय-विक्रय पर 8 मार्च 2001 को माननीय उच्च न्यायालय, बिलासपुर द्वारा रोक लगाए जाने संबंधी आदेश का उल्लेख अभिलेखों में था।

दुकानों के विक्रय के लिए अजय चौहान का अनापत्ति प्रमाण पत्र आवश्यक होने के संबंध में भी दस्तावेजों की जांच की गई। पुलिस की जांच में आरोप है कि आरोपी ने अपने भाई के नाम से फर्जी लेटरपैड तैयार कर अनापत्ति प्रमाण पत्र पर कूटरचित हस्ताक्षर किए और इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर दुकानों का सौदा किया।

नगद और बैंक के माध्यम से लिए 28 लाख रुपये

जांच के अनुसार, आरोपी ने 23 अक्टूबर 2019 को संबंधित दुकानों का विक्रय किया और प्रार्थी साजिद खान से अलग-अलग किश्तों में नगद एवं बैंक के माध्यम से कुल 28 लाख रुपये प्राप्त किए।

शिकायत और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच में प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी एवं कूटरचित दस्तावेजों के इस्तेमाल का मामला सामने आने पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 1601/2026 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 420 एवं 468 में प्रकरण दर्ज किया।

इसके बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की और विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान संजय चौहान (47 वर्ष), निवासी शास्त्री नगर, भिलाई, थाना वैशाली नगर, जिला दुर्ग के रूप में हुई है।

घटनास्थल: चौहान प्लाजा, दुकान क्रमांक 110 एवं 111, जिला दुर्ग।

इन पुलिसकर्मियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी सुपेला एस.एन. सिंह, उप निरीक्षक धनेश्वर साहू, प्रधान आरक्षक उपेन्द्र सिंह तथा आरक्षक धर्मेन्द्र सूर्यवंशी एवं अजित यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

संपत्ति खरीदने से पहले दस्तावेजों की जांच करने की अपील

दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संपत्ति की खरीद-बिक्री से पहले उसके स्वामित्व संबंधी दस्तावेजों, अनापत्ति प्रमाण पत्र और न्यायालयीन प्रतिबंधों की विधिवत जांच अवश्य करें। केवल दस्तावेज दिखाए जाने के आधार पर संपत्ति का सौदा करने से बचें और आवश्यक होने पर संबंधित विभाग या कानूनी विशेषज्ञ से दस्तावेजों का सत्यापन कराएं।

पुलिस ने यह भी कहा है कि फर्जी दस्तावेजों या किसी भी प्रकार की आर्थिक धोखाधड़ी की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें, ताकि शिकायत की जांच कर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा सके।