सेवा संकल्प कार्यक्रम में सामने आईं समाजसेवियों की अनकही कहानियां
रानीतराई महाविद्यालय में ‘नमो सेवा–अनकही कहानियां’ का आयोजन, विद्यार्थियों ने प्रेरणादायक व्यक्तित्वों के योगदान को किया साझा
रानीतराई। स्व. दाऊ रामचंद्र साहू शासकीय महाविद्यालय, रानीतराई में 7 अक्टूबर 2026 को सेवा संकल्प कार्यक्रम के अंतर्गत ‘नमो सेवा–अनकही कहानियां’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य चंदन गोस्वामी के मार्गदर्शन एवं कार्यक्रम प्रभारी सुश्री भारती गायकवाड़ के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने समाज के ऐसे प्रेरणादायक व्यक्तियों की सेवा एवं योगदान की कहानियां सामने रखीं, जिनके कार्य व्यापक स्तर पर चर्चित नहीं हो पाए हैं।
सेवा भाव से जुड़े गुमनाम नायकों को पहचानने की पहल
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में निःस्वार्थ भाव से सेवा करने वाले व्यक्तियों और समाजसेवियों की अनकही कहानियों को सामने लाना था। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को अपने आसपास के क्षेत्र में सामाजिक सरोकार, जनहित, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण तथा जरूरतमंदों की सहायता के क्षेत्र में कार्य कर रहे लोगों की पहचान करने और उनके जीवन-संघर्ष एवं योगदान को समझने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों ने अपने आसपास के ऐसे व्यक्तियों का चयन किया, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय सामाजिक कार्य किए हैं। विद्यार्थियों ने उनके कार्यों और जीवन से जुड़ी प्रेरणादायक जानकारियां कार्यक्रम में प्रस्तुत कीं।
विद्यार्थियों ने प्रस्तुत कीं प्रेरणादायक कहानियां
बी.ए. पंचम सेमेस्टर की छात्रा मुस्कान साहू ने ‘मेरी कलम की जुबानी—एक अनकहे पत्रकार की कहानी’ शीर्षक के माध्यम से पत्रकार करन साहू के कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने पत्रकारिता के माध्यम से समाज और जनहित से जुड़े मुद्दों को सामने लाने में उनके योगदान को रेखांकित किया।
इसी क्रम में दिव्यानी ने ‘शिक्षा एवं समाज के प्रेरणा स्रोत’ विषय पर स्व. दाऊ रामचंद्र साहू के कृतित्व, व्यक्तित्व एवं जीवन-संघर्षों की जानकारी साझा की। उन्होंने शिक्षा एवं सामाजिक क्षेत्र में उनके योगदान को विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक बताया।
बी.कॉम. पंचम सेमेस्टर की छात्रा नेहा निषाद ने पूर्व सरपंच कन्हैया लाल साहू के ग्राम के प्रति लगभग 25 वर्षों के समर्पण एवं सामाजिक योगदान पर प्रकाश डाला।
वहीं खुशबू ने कोरोना महामारी के कठिन दौर को याद करते हुए सियाराम निषाद द्वारा बच्चों को अपने घर पर शिक्षा प्रदान करने तथा उनके शैक्षणिक सहयोग के बारे में जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए किए गए प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायक हैं।
बी.एससी. तृतीय सेमेस्टर की छात्रा होमेश्वरी साहू ने ठाकुर राम के व्यक्तित्व एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उनके योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने वृक्षारोपण एवं सामाजिक कार्यों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के उनके प्रयासों से विद्यार्थियों को अवगत कराया।
विद्यार्थियों को सामाजिक सरोकार से जोड़ने का प्रयास
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि समाज में बदलाव लाने के लिए बड़े पद या संसाधन ही जरूरी नहीं हैं, बल्कि निःस्वार्थ सेवा, समर्पण और सकारात्मक सोच के माध्यम से भी समाज में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।
‘नमो सेवा–अनकही कहानियां’ के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपने आसपास मौजूद ऐसे लोगों के कार्यों को पहचानने और उन्हें समाज के सामने लाने का प्रयास किया, जो बिना किसी प्रचार की अपेक्षा के निरंतर सेवा कार्यों में जुटे हुए हैं।
बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं रहे उपस्थित
कार्यक्रम में महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डॉ. शगुफ्ता सिद्दकी, श्रीमती अंबिका ठाकुर बर्मन, श्रीमती आराधना देवांगन, सुश्री रेणुका वर्मा, टीकेश्वर पाटिल, सुश्री शिखा मड़रिया, वेणु साहू, डॉ. देबीलाल गौतम, खिलेन्द्र कुमार साहू सहित कार्यालयीन स्टाफ से श्री नरेश मेश्राम, श्रीमती महेश्वरी निषाद, श्रीमती सीमा वर्मा, प्रयोगशाला परिचारक सुश्री आशा ठाकुर, रविकिशोर कंवर तथा बुक लिफ्टर श्री शेष कुमार उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की और समाजसेवा से जुड़े प्रेरणादायक व्यक्तित्वों की कहानियों को सुनकर उनके कार्यों से प्रेरणा ली।



